हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आज दिल्ली जा रहे हैं। दिल्ली में कल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) के मुद्दे पर मीटिंग रखी गई है। दरअसल, 16वें वित्त आयोग ने केंद्र सरकार से RDG बंद करने की सिफारिश की है। इससे हिमाचल में फाइनेंशियल इमरजेंसी जैसे हालात पनप रहे है। मुख्यमंत्री सुक्खू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हिमाचल अपने हक की लड़ाई के लिए कानूनी लड़ाई और राजनीतिक विकल्पों पर विचार करेगा। इसी कड़ी में हिमाचल का पूरा कैबिनेट कल राहुल गांधी के साथ RDG को लेकर चर्चा करेगा। इस दौरान कानूनी लड़ाई लड़ने और लोकसभा में भी इस मुद्दे को लेकर उठाने को लेकर मंथन होगा। हिमाचल के मंत्री आज शिमला से दिल्ली रवाना होंगे, जबकि सीएम सुक्खू आज शाम को श्रीनगर से सीधे दिल्ली लौटेंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री से भी मुलाकात संभव दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की योजना है। सीएम सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने का समय मांग रखा है, PMO से समय मिला तो दिल्ली दौरे के दौरान पीएम मोदी से भी मुलाकात संभव है। हिमाचल के कुल बजट का RDG 13% हिमाचल की RDG बंद होने से राज्य को अगले पांच सालों में 40 हजार करोड़ से 50 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय नुकसान होगा। वर्तमान में RDG हिमाचल के कुल बजट का लगभग 13 प्रतिशत है, जिससे इसकी निर्भरता अन्य अधिकांश राज्यों की तुलना में कहीं अधिक है। राज्य में आय के सीमित साधन पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल के आय के स्रोत सीमित हैं। जीएसटी लागू होने के बाद नए कर लगाने की गुंजाइश भी कम रह गई है। जीएसटी क्षतिपूर्ति जून 2022 में बंद हो चुकी है, जिससे हर साल मिलने वाले लगभग 3000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं, कर्ज लेने की सीमा भी GDP की 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दी गई, इससे राज्य की लोन लेने की सीमा भी लगभग 5500 करोड़ रुपए कम हुई है। इन परिस्थितियों में केंद्र सरकार हिमाचल की RDG बंद करने की तैयारी में है। हालांकि, यह RDG 17 राज्यों की बंद की जा रही है, लेकिन नागालैंड और त्रिपुरा को छोड़कर अन्य राज्यों की RDG कुल बजट का एक-दो फीसदी है, हिमाचल में यह 13 प्रतिशत है।


