बिलासपुर में कांग्रेसियों का आज कलेक्ट्रेट घेराव:मनरेगा-बचाव संग्राम में शक्ति-प्रदर्शन की तैयारी, 2000 से ज्यादा भीड़ लाने का दावा, रोकने प्रशासन ने की बैरिकेडिंग

केंद्र सरकार के मनरेगा का नाम बदले जाने और इसे एक्ट बनाने के विरोध में कांग्रेसी आज मनरेगा बचाव संग्राम करेंगे। इस दौरान रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव करने जाएंगे। इस आंदोलन में कांग्रेस ने शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी की है। जिसमें 2000 से अधिक लोगों की भीड़ जुटने का दावा किया गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने उन्हें कलेक्ट्रेट से पहले नेहरू चौक स्थित स्टेट बैंक ब्रांच के पास रोकने की योजना बनाई है। इसके लिए सड़क को घेरा गया है और तगड़ी बैरिकेडिंग की गई है। इस आंदोलन के लिए कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री लगातार तैयारी बैठक ले रहे थे। वहीं, ब्लॉक अध्यक्ष सहित पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियां बांट कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने कहा गया। हर ब्लॉक अध्यक्ष को कम से कम 200 लोगों को घेराव में लाने का टारगेट दिया गया है। जिले में कुल 15 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां हैं। इनमें शहर अध्यक्ष के अंतर्गत चार और ग्रामीण अध्यक्ष के अंतर्गत 11 ब्लॉक कमेटियां आती हैं। ऐसे में संगठन की ओर से कलेक्ट्रेट घेराव में 2000 से अधिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटाने का दावा किया गया है। कलेक्ट्रेट से पहले ही रोकने प्रशासन ने की तैयारी गुरुवार को कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट का घेराव करने जाएंगे। उन्हें रोकने के​ लिए नेहरू चौक स्थित स्टेट बैंक ब्रांच के पास देर रात तक बैरिकेड्स लगाए जाते रहे। इससे पहले हुए प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने कांग्रेसियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। लेकिन, कांग्रेसी सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को पानी की बौछारें मारकर उन्हें रोका गया। इस आंदोलन में भी कांग्रेसियों की भारी भीड़ जुटने का अनुमान है। यहीं वजह है कि उन्हें रोकने वहां तगड़ी बेरीके​डिंग की गई है। खंभे लगाने सड़क पर खोदा गड्‌ढा बुधवार को दोपहर में सड़क पर ड्रिल मशीन चलाई गई। सड़क पर 80 से ज्यादा गहरे गड्ढे किए गए हैं। जिससे उसमें खंभे लगाकर बैरिकेड लगा सकें। बता दें कि घेराव की तारीख बार-बार बदल रही है। पहले यह आंदोलन 17 को होने वाला था फिर इसे 18 फरवरी को करने का निर्णय लिया गया। अब 19 फरवरी को करने का फैसला लिया गया।

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