महवा क्षेत्र में बढ़ती आबादी और मरीजों के दबाव को देखते हुए विधायक राजेन्द्र मीणा ने विधानसभा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई प्रस्ताव रखे। जिला हॉस्पिटल से लेकर गांवों तक नई स्वास्थ्य सुविधाएं स्वीकृत करने की मांग की। जिला हॉस्पिटल में 50 बेड और ब्लड बैंक की मांग विधायक ने महवा जिला हॉस्पिटल में 50 अतिरिक्त बेड, रेफरल यूनिट और ब्लड बैंक स्थापित करने की मांग रखी। साथ ही मंडावर सीएचसी को उप जिला हॉस्पिटल में क्रमोन्नत करने का प्रस्ताव दिया, ताकि गंभीर मरीजों को बाहर रेफर करने की जरूरत कम हो सके। उन्होंने लोटवाड़ा, रसीदपुर, पावटा और तालचिडी पीएचसी को सीएचसी में अपग्रेड करने की भी मांग रखी। गांवों में नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने का प्रस्ताव विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा पहुंच बढ़ाने के लिए बालाहेड़ा, औंड मीना, केसरा और खोंचपुरी को पीएचसी बनाने का प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा शीशवाड़ा, मोहनपुर, वीरपुर, रायपुर, कोंडला, वीरासना, सिन्दूकी, नौगांव और मुनापुरा में नए उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत करने की मांग की। हुडला और बालाहेड़ी सीएचसी के भवन निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाने की भी मांग रखी गई। अब तक के कार्य गिनाए, नए अस्पताल भवन का जिक्र विधायक ने बताया कि महवा में जिला हॉस्पिटल के नए भवन के लिए 22 बीघा जमीन और 21 करोड़ रुपए की पहली किस्त स्वीकृत हो चुकी है।
मंडावर सीएचसी में 20 बेड बढ़ाए गए हैं, जबकि सालिमपुर को प्राथमिक और सांथा को स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत किया गया है। सरकार की योजनाओं को बताया जनहितकारी विधायक ने राज्य सरकार के स्वास्थ्य विजन की सराहना करते हुए कहा कि 2047 तक ‘विकसित राजस्थान, स्वस्थ राजस्थान’ लक्ष्य को लेकर काम हो रहा है। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण की अनिवार्यता, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर और ‘मोक्ष वाहिनी’ योजना शुरू करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।


