उदयपुर में एमबी अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ और जगह की कमी को देखते हुए शहर विधायक ताराचंद जैन ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। विधानसभा में उन्होंने मांग की है कि एमबी अस्पताल से सटे पशु चिकित्सालय को बड़ी स्थित टीबी अस्पताल कैंपस में शिफ्ट कर दिया जाए। इससे खाली होने वाली करीब 90 हजार वर्गफीट जमीन एमबी अस्पताल को मिल जाएगी, जिससे अस्पताल का विस्तार हो सकेगा। विधायक ताराचंद जैन ने सदन में कहा कि एमबी अस्पताल पर केवल उदयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे संभाग और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के मरीजों का भी भारी दबाव है। अस्पताल के पास अब और निर्माण करने के लिए जगह नहीं बची है। सरकारी नियमों के मुताबिक अस्पताल परिसर में 34.9 प्रतिशत निर्माण की सीमा पूरी हो चुकी है। ऐसे में अस्पताल को आगे बढ़ाने के लिए जमीन की सख्त जरूरत है। अगर पशु चिकित्सालय वहां से शिफ्ट होता है, तो शहर के बीचों-बीच पशुओं को लाने-ले जाने में होने वाली परेशानी भी खत्म होगी और अस्पताल को नई बिल्डिंग के लिए कीमती जमीन मिल जाएगी। मरीजों को एमआरआई के लिए एक महीने का इंतजार
विधायक जैन ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संभाग के इतने बड़े अस्पताल में सिर्फ एक एमआरआई मशीन है। इसकी वजह से भर्ती मरीजों को 5 से 6 दिन और बाहर से आने वाले मरीजों को एक-एक महीने तक का इंतजार करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब और आदिवासी इलाके से आने वाले मरीजों को होती है, जिन्हें मजबूरी में प्राइवेट सेंटरों पर जाकर हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बजट देकर या डीएमएफटी फंड से तुरंत एक और नई एमआरआई मशीन उपलब्ध कराई जाए। निजी अस्पतालों जैसी हाईलेवल सुविधाएं और रोबोटिक मशीनें
ताराचंद जैन ने तर्क दिया कि जब उदयपुर के प्राइवेट अस्पतालों में लाखों रुपए लेकर मरीजों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं दी जा सकती हैं, तो सरकार एमबी अस्पताल में ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं कर सकती? उन्होंने मांग की कि कोटा की तर्ज पर उदयपुर के एमबी अस्पताल को भी 25 करोड़ रुपए के रोबोटिक उपकरण दिए जाएं। रोजाना 5 हजार की ओपीडी वाले इस अस्पताल में आधुनिक तकनीक होना बेहद जरूरी है। हाईवे पर बने बड़ा ट्रोमा सेंटर और जर्जर बिल्डिंग का मुद्दा
विधायक ने पन्नाधाय महिला अस्पताल की पुरानी जर्जर बिल्डिंग को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग उद्घाटन से पहले ही खराब हो गई थी। अब इसे तोड़कर नई बिल्डिंग बनाने का काम हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड को दिया गया है, लेकिन काम की रफ्तार बहुत धीमी है। इसे जल्द पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही, उदयपुर के पास से गुजरने वाले तीन नेशनल हाईवे पर होने वाले हादसों को देखते हुए एक बड़े ट्रोमा सेंटर की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई गई।


