करौली में राजसखी मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला महिला उद्यमियों के हुनर और आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित कर रहा है।
पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहा स्थित जैन नसिया में राजीविका के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से निर्मित स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री हो रही है। ‘मल्टी ग्रेन कुकीज हेल्थ के लिए लाभदायक’
मेले में विभिन्न जिलों से आई महिला उद्यमी अपने उत्पादों के साथ मौजूद हैं। जयपुर और करौली की अरुणा शर्मा ने मल्टी ग्रेन कुकीज की स्टॉल लगाई है। वे ज्वार, बाजरा, रागी, ओट्स और काले गेहूं से बनी हेल्दी कुकीज पेश कर रही हैं। अलवर जिले की तिजारा तहसील के बिछाड़ा गांव से आई किरण नीम, एलोवेरा और गुलाब से बने प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद बेच रही हैं। इन उत्पादों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। मिट्टी के बर्तनों से पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा
चित्तौड़गढ़ के कपासन ब्लॉक से कृतिका तिवारी लड्डू गोपाल, माता रानी और शिव परिवार की पोशाकें लेकर पहुंची हैं। वहीं, कविता मिट्टी से बने हांडी, तवे, दीपक और अन्य बर्तनों के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। मेला अधिकारी ने बताया कि महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। राजसखी मेला महिला उद्यमियों को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करने के साथ ही लोगों को स्थानीय और स्वदेशी उत्पाद अपनाने का अवसर भी दे रहा है।


