छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मामले में एपी त्रिपाठी से आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) में लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी ने उनसे कई दौर में सवाल-जवाब किए हैं और दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। बताया जा रहा है कि मामले में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके बाद जांच तेज कर दी गई है। वहीं नवीन तोमर से भी एजेंसी पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि पूछताछ के बाद कुछ नए खुलासे हो सकते हैं। कौन हैं अरुणपति त्रिपाठी ? अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ सरकार के आबकारी विभाग के विशेष सचिव रह चुके हैं। इससे पहले वे छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के एमडी भी रहे हैं। त्रिपाठी मूल रूप से इंडियन टेलीकॉम सर्विस के अधिकारी हैं और डेपुटेशन पर छत्तीसगढ़ में कार्यरत थे। शराब घोटाले में उनकी भूमिका को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 5 अक्टूबर 2024 को रायपुर की विशेष अदालत में उनके खिलाफ मामला दायर किया। कोर्ट ने उसी दिन इस मामले पर संज्ञान लिया था, लेकिन 7 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट ने PMLA कोर्ट के संज्ञान को रद्द कर दिया। अरुणपति त्रिपाठी 8 अगस्त 2024 से न्यायिक रिमांड पर जेल में बंद थे। अब जानिए छत्तीसगढ़ में कैसे हुआ शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।


