नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का तीन माह बाद भी पालन नहीं होने से नाराज जोधपुरा संघर्ष समिति (मोहनपुरा) और ग्रामीण 22 फरवरी से राजधानी जयपुर के लिए पैदल कूच करेंगे। इस संबंध में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ दायर मामले में एनजीटी ने तीन माह पूर्व आदेश जारी किए थे, जिनके पालन की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर, कोटपूतली-बहरोड़ को सौंपी गई थी। आदेश में आबादी, स्कूल और मंदिर से 500 मीटर परिधि में ब्लास्टिंग पर रोक, खदानों की ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन कर मुआवजा देने तथा धूल-प्रदूषण से प्रभावित ग्रामीणों के स्वास्थ्य नुकसान पर क्षतिपूर्ति और पुनर्वास समिति गठन के निर्देश दिए गए थे। समिति का आरोप है कि अब तक इनका पालन नहीं हुआ। जयपुर कूंच की चेतावनी ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले 1168 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसीके चलते 22 फरवरी से जयपुर पैदल मार्च का निर्णय लिया गया है। समिति ने मार्च के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की है। इस दौरान सचिव कैलाश यादव, मुलायम सिंह यादव, राधेश्याम शुक्लावास, हरभगत, भूपसिंह धानका, प्रभुदयाल गुरुजी, दिनेश यादव, रोहिताश योगी, राकेश योगी, मदन लाल, संकेश योगी, महेश सौरल सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।


