रणथंभौर टाइगर रिजर्व में EDC (इको डेवलपमेंट समिति) सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यहां वन विभाग की ओर से DFO मानस सिंह के निर्देशन में यह शिविर किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर वन संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन तथा सामुदायिक सहभागिता को सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अश्वनी प्रताप सिंह ने की। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से संबंधित गांवों के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट फैसिलिटी टीम के प्रमुख राधेश्याम जूंजारिया ने योजना के लाभों की जानकारी देते हुए वन संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने और अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया। प्रशिक्षण में आरओपीटी क्षेत्र की महिलाओं की भी सक्रिय सहभागिता रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में आलनपुर, सुखवास एवं कुटालपुरा मालीयान गांवों की इको डेवलपमेंट समितियों के अध्यक्ष राजेश कुमार, महेंद्र सिंह शेखावत, दिनेश कुमार सैनी सहित सचिव एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे। माइक्रोप्लान एवं पीआरए (PRA) करने की प्रक्रिया समझाई
मुख्य वक्ता, प्रभागीय परियोजना समन्वयक झाबर मल यादव ने समिति पंजीयन की प्रक्रिया, राजीविका के स्वयं सहायता समूहों को योजना से जोड़कर लाभान्वित करने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी तथा चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों के अनुभव साझा किए। श्री राधेश्याम जी ने माइक्रोप्लान एवं पीआरए (PRA) करने की प्रक्रिया तथा स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले लाभों पर भी प्रकाश डाला। ये रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सुरेश कुमार चौधरी, राजाराम माली, वन विभाग कर्मचारी योगेश शर्मा, विजय कुमार, अमित चौधरी, अनीता गुर्जर सहित विभागीय कार्मिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने परियोजना की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा वन संरक्षण एवं समुदाय आधारित विकास को मजबूत करने का संकल्प लिया।


