जालंधर के लम्मा पिंड के पास लुटेरे दफ्तर से लौटती युवती से पर्स झपटकर भाग गए। पीड़िता की पहचान दिव्या के रूप में हुई है। वह रामामंडी की रहने वाली है। दिव्या ने बताया कि मैं अपने ऑफिस जा रही थी। किशनपुरा चौक क्रॉस किया तो बीच रास्ते में मैंने नोटिस किया कि एक्टिवा पर सवार दो लड़के मेरा पीछा कर रहे हैं। पहले मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया मुझे लगा कि शायद वे कहीं जा रहे होंगे। इसके बाद उसने अपनी एक्टिवा धीरे कर ली ताकि युवक आगे निकल जाएं।
जब मैं किशनपुरा चौक से थोड़ा और आगे आई तो मुझे शक हुआ कि ये लोग आगे क्यों नहीं निकल रहे हैं। फिर मैंने देखा कि आगे काफी भीड़ है। मैंने अपनी एक्टिवा वहां रोक ली। मैंने सोचा कि मैं रुक जाती हूं ताकि वे मेरे आगे से निकल जाएं, लेकिन उन्होंने क्या किया कि अपनी एक्टिवा बिल्कुल मेरी एक्टिवा के आगे अड़ा दी और दातर निकाल लिया। सरेआम सड़क पर निकाला दातर
सरेआम सड़क के ऊपर उन्होंने हथियार दिखाया। मैं घबरा गई और मैंने फटाफट साइड से ओवरटेक करने की कोशिश की। वहां गाड़ियां और ऑटो आ रहे थे, मैं सीधे उनसे जा टकराई और नीचे गिर गई। मैं जैसे ही गिरी मेरा पर्स भी गिर गया जो मैंने एक्टिवा के आगे रखा हुआ था। उन लड़कों ने बड़े आराम और शान के साथ अपनी एक्टिवा पर बैठे-बैठे ही पर्स उठाया। जब मैं उठकर उन्हें पकड़ने लगी, तो वे मेरे सिर पर दातर मारने लगे। इससे मैं डर गई और पीछे हट गई। लोग देखते रहे, नहीं आए आगे
मौके पर पहुंची पुलिस को दिव्या ने कहा कि रास्ते में कई लोग थे लेकिन कोई भी आगे नहीं आया। वे मुझे हथियार दिखाकर सरेआम वहां से भाग निकले। जब वे जा रहे थे तब लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वे सबको दातर दिखाकर भाग गए।
दिव्या ने बताया कि उनकी एक्टिवा पर नंबर प्लेट ही नहीं थी। काले रंग की एक्टिवा थी और उस पर दो लड़के सवार थे। दोनों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। दिव्या ने बताया कि वह अकेली दफ्तर जा रही थी और लंबा पिंड चौक की रहने वाली हूं। दिव्या ने बताया कि उसके पर्स में 10 से 12 हजार रुपए के करीब कैश था। मेरा पासपोर्ट, मेरे सभी जरूरी व्यक्तिगत कागजात और ऑफिस के जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी उसी पर्स में थे।


