जांजगीर-चांपा जिले में लूट की सात वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बिलासपुर से बिहार के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने जांजगीर-चांपा समेत कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ और सारंगढ़ में कुल 9 लाख 83 हजार रुपए से अधिक की लूट और उठाईगिरी की वारदातओं को अंजाम दिया था। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह मामला जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम धरदेई का है। यहां एक पंप ऑपरेटर से ढाई लाख रुपए लूटे गए थे। घटना के बाद पुलिस ने साइबर टीम को सक्रिय किया और जांच शुरू की। एएसपी उमेश कुमार कश्यप के नेतृत्व में गठित टीम ने 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी बिलासपुर की ओर भागे थे। इसके बाद पुलिस ने बिलासपुर में होटलों, लॉज और धर्मशालाओं में सघन तलाशी अभियान चलाया। शिवम लॉज से दो संदिग्ध हिरासत में तलाशी के दौरान बिलासपुर के शिवम लॉज से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनवाने की बात स्वीकार की। कई जिलों में लूट की वारदात कबूली उन्होंने जांजगीर-चांपा के अलावा अंबिकापुर में 2 लाख, रायगढ़ में 1 लाख और 2 लाख, सारंगढ़ में 60 हजार तथा कोरबा में 85 हजार रुपये की लूट की वारदातों को अंजाम देना भी कबूल किया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो चोरी की बाइक, तीन मोबाइल फोन और 10 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। चोरी की बाइक, मोबाइल और नकदी बरामद आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। वे पहले बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले बुजुर्गों और महिलाओं की रेकी करते थे। फिर मौका पाकर उन पर केंवाच (खुजली पैदा करने वाला) पाउडर छिड़ककर उन्हें उलझा देते थे और रकम लेकर फरार हो जाते थे। फिलहाल, पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।


