रायपुर के विधानसभा इलाके में फर्जी ऑफिस खोलकर बेरोजगारों को सरकारी नौकरी और डॉक्टर बनाने का झांसा देने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर बताने वाला 10वीं पास युवक 52 लोगों से 2 करोड़ 34 लाख रुपए ठग चुका था। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों का नाम पुलिस द्वारा जांजगीर निवासी नरेश मनहर, सारंगढ़ निवासी भुनेश्वर बंजारे, जांजगीर चांपा निवासी हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे बताया जा रहा है। आरोपियों पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला ठगों के खिलाफ 17 फरवरी को सिविल लाइन थाना पहुंचकर पीड़ित संजय निराला ने शिकायत की थी। संजय निराला ने पुलिस को बताया, कि आरोपी नरेश मनहर खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर बताकर पोस्ट मास्टर और पोस्टमैन की नौकरी दिलाने का दावा करता था। वह फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर स्पीड पोस्ट से आवेदकों के पते पर भेजता था, जिससे उन्हें भरोसा हो जाए कि नौकरी लग गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नरेश मनहर के खिलाफ जांच शुरू की तो ठगों के नेटवर्क का खुलासा किया। अब पढ़े पुलिस की जांच में क्या सामने आया पुलिस अधिकारियों ने जांच में खुलासा किया है, कि आरोपी ने आमासिवनी पंडरी में फर्जी ऑफिस खोल रखा था। जांच के दौरान उसके कब्जे से 2 स्मार्ट फोन, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, नोट गिनने की मशीन, कंप्यूटर सेटअप, फर्जी नियुक्ति पत्र, सील और कई दस्तावेज जब्त किए हैं। लैपटॉप से फर्जी एमबीबीएस डिग्री की सॉफ्ट कॉपी भी मिली है। अब पढ़े ठगी सिंडिकेट में किसकी क्या जिम्मेदारी सिंडिकेट के अन्य सदस्यों की तलाश जारी पुलिस की जांच में सामने आया है, कि आरोपियों के पास विद्यापीठ डीवाय पाटिल विद्यापीठ यूनीवर्सिटी की डिग्री मिली है। इसके साथ ही आरोपी नरेश मनहर ने डॉक्टर सुप्रिया पाठक के अकाउंट में 40 लाख रुपए ट्रांसफर किए है। पुलिस अधिकारियों को आशंका है, कि आरोपियों के सिंडिकेट में और भी सदस्य है। इन सदस्यों और यूनीवर्सिटी के खिलाफ पुलिस की जांच जारी है। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा रायपुर सेंट्रल जोन डीसीसीपी उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया, कि आरोपी की शिकायत पर एसीपी सिविल लाइन रमाकांत साहू और थाना प्रभारी यमन देवांगन की टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर रेड मारी और आरोपियों को हिरासत में लिया। आरोपियों की निशानदेही पर लैपटॉप, पैसे गिनने की मशीन, दस्तावेज, मोबाइल, कार, सील साइन और पासबुक बरामद किया है।


