दुर्ग में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में जिला शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया और ज्ञापन सौंपा। यह मामला दो अलग-अलग घटनाओं से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस का कहना है कि एक तरफ एनएसयूआई पदाधिकारियों पर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया, जबकि दूसरी तरफ देवबलौदा-चरोदा के महाशिवरात्रि मेले में मुस्लिम व्यापारियों से कथित दुर्व्यवहार के मामले में हल्की धाराओं में कार्रवाई की गई। कांग्रेस के मुताबिक, दुर्ग शहर विधायक और कानून मंत्री गजेन्द्र यादव का एक वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में मंत्री ने कथित रूप से कहा था कि रात 10 बजे से सुबह 7 या 8 बजे तक हेलमेट पहनना जरूरी नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि ऐसा कोई आदेश जारी हुआ है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अगर कोई आदेश नहीं है, तो मंत्री के बयान पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? ट्रैफिक थाना पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ता मंत्री पर ट्रैफिक पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने से नाराज एनएसयूआई कार्यकर्ता 7 फरवरी को शहर अध्यक्ष वरुण केवलतानी के नेतृत्व में ट्रैफिक थाना पहुंचे। उन्होंने प्रतीकात्मक विरोध स्वरूप ट्रैफिक टीआई को चूड़ी, बिंदी और साड़ी भेंट करने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप: दुर्व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा पुलिस का कहना है कि इस दौरान ट्रैफिक थाना में दुर्व्यवहार किया गया और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इसके बाद अगले दिन ट्रैफिक टीआई की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने वरुण केवलतानी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 132, 221 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया। कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। दूसरा मामला: देवबलौदा-चरोदा महाशिवरात्रि मेला विवाद दूसरा मामला देवबलौदा-चरोदा में महाशिवरात्रि मेले का है। शिकायतकर्ता इस्माइल ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने मुस्लिम व्यापारियों से कहा कि, “हिंदू देवी-देवताओं के स्थल पर दुकान क्यों लगाते हो, मस्जिद में जाकर दुकान लगाओ।” आधार कार्ड मांगने और धमकी देने का आरोप शिकायत में यह भी कहा गया कि व्यापारियों को मंदिर परिसर में न आने की चेतावनी दी गई। साथ ही आधार कार्ड मांगा गया, गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में पुरानी भिलाई पुलिस ने घटना के दो दिन बाद 18 फरवरी की देर शाम अपराध क्रमांक 100/2026 दर्ज किया। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 351(3) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। कांग्रेस का आरोप: गंभीर मामले में हल्की धाराएं कांग्रेस का कहना है कि देवबलौदा मेले की घटना में गंभीर शिकायत होने के बावजूद पुलिस ने सामान्य धाराओं में कार्रवाई की। जबकि एनएसयूआई मामले में गंभीर और गैर-जमानती धाराएं लगाई गईं। धीरज बाकलीवाल ने कहा कि भाजपा से जुड़े संगठन खुलेआम बयानबाजी करते हैं, धार्मिक तनाव फैलाते हैं, फिर भी उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा, “एनएसयूआई शहर अध्यक्ष वरुण केवलतानी के खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत एफआईआर दर्ज की गई है। हमने एसपी से मांग की है कि यह एफआईआर तत्काल वापस ली जाए। मंत्री का कथन सही है तो आदेश दिखाएं, गलत है तो मंत्री पर कार्रवाई हो।”


