रमज़ान के पवित्र महीने में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मुस्लिम शासकीय कर्मचारियों को रोज़ा खोलने (इफ्तार) से पहले एक घंटे की छुट्टी देने की व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। यह प्रावधान नया नहीं, बल्कि साल 2005 से प्रदेश में लागू है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पूर्व आदेश के अनुसार रमज़ान माह के दौरान राज्य के शासकीय मुस्लिम अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय समय से एक घंटा पहले घर जा सकते हैं। यह सुविधा राज्य के सभी विभागों, शासकीय संस्थानों और संबंधित कार्यालयों में लागू है। पुराने आदेश पर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने सीएम का जताया आभार छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने इस व्यवस्था को जारी रखने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि रमज़ान मुस्लिम समाज के लिए अत्यंत पवित्र महीना है, जिसमें रोज़ेदार दिनभर उपवास रखकर इबादत करते हैं और शाम को इफ्तार करते हैं। ऐसे में एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति से कर्मचारियों को धार्मिक कर्तव्यों के पालन में सहूलियत मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2005 से लागू यह आदेश लागू है। ——————————— रोजा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… तेलंगाना में रोजेदारों को ऑफिस से 1घंटे पहले छुट्टी मिलेगी:आदेश जारी; BJP का सवाल- हिंदू त्योहारों में ऐसी छूट क्यों नहीं
तेलंगाना सरकार ने रमजान के महीने को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया। इसके तहत पूरे रमजान के महीने में राज्य के सभी सरकारी मुस्लिम कर्मचारियों, शिक्षकों, अनुबंध कर्मचारियों, आउटसोर्सिंग और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को एक विशेष छूट दी है। राज्य सरकार के इस फैसले की भाजपा ने आलोचना की है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि हिंदू त्योहारों के दौरान ऐसी छूट क्यों नहीं दी जाती है। भाजपा विधायक राजा सिंह ने इस आदेश को तुष्टिकरण की राजनीति बताया है। पूरी खबर पढ़ें…
रमजान के पवित्र महीने में राज्य सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष छूट देने का फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के पूर्व आदेश के तहत रमजान माह के दौरान राज्य के सभी शासकीय मुस्लिम अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय समय से एक घंटा पहले घर जाने की अनुमति दी जाएगी। सरकारी आदेश के अनुसार यह सुविधा राज्य शासन के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत मुस्लिम कर्मचारियों पर लागू होगी। पूर्व आदेश के आधार पर लागू व्यवस्था सरकार द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के मुताबिक रमजान के महीने में रोज़ा रखने वाले कर्मचारियों को कार्यावधि समाप्ति से एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति रहेगी। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि यह छूट केवल रमजान माह के लिए लागू होगी। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने 2005 में रमन सिंह सरकार के दौरान आदेश जारी किया था, जो हर साल रमजान के समय लागू रहता है। हालांकि राज्य सरकार ने इसके लिए अलग से आदेश जारी नहीं किया है।
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि रमज़ान मुस्लिम समाज के लिए अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक माह है, जिसमें रोज़ा, इबादत और तरावीह की नमाज़ के माध्यम से लोग आत्मशुद्धि और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी 2026 से शुरू हुए रमज़ान को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय मुस्लिम अधिकारियों और कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति देना स्वागतयोग्य कदम है। इससे रोज़ेदार कर्मचारियों को इफ्तार और नमाज़ की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं का सम्मान किया जा रहा है। यह निर्णय सामाजिक सौहार्द और पारस्परिक सम्मान की भावना को और सुदृढ़ करेगा।


