हाईकोर्ट ने प्रदेश में कचरा संग्रहण-निस्तारण की मांगी जानकारी:सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का रोडमैप और नियुक्त कर्मचारियों की जिले वाइज लिस्ट भी देने को कहा

राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से प्रदेश के 41 जिलों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (कचरा संग्रहण और निस्तारण) का रोडमैप मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश केसर महावीर सेवा ट्रस्ट व अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने प्रदेश के 41 जिलों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए उठाए जा रहे कदमों और जिलों के विभिन्न कस्बों में कचरा निस्तारण में नियुक्त कर्मचारियों की भी जानकारी मांगी है। याचिका में सीकर जिले में कचरे का समुचित निस्तारण नहीं होने का मुद्दा उठाया गया था। वहीं हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका को पूरे प्रदेश के लिए कंवर्ट कर दिया था। करीब एक दशक से चल रहा मामला
एडवोकेट किंशुक जैन ने बताया- यह मामला करीब एक दशक से चल रहा है। ट्रस्ट ने जनहित याचिका लगाकर कहा था कि मार्च 2015 में स्वायत शासन विभाग ने नोटिफिकेशन जारी करके सभी नगर पालिकाओं को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। लेकिन अधिकतर नगर पालिकाओं में इसकी पालना नहीं की जा रही है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत कचरा संग्रहण से लेकर उसके निस्तारण की विधि तय है, परंतु कहीं भी इसकी पालना नहीं की जा रही है। वहीं अधिकतर जगह कचरा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की मुख्य प्रक्रिया
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की पूरी प्रक्रिया तय है। इसमें कचरे के संग्रहण से लेकर निस्तारण के कई स्टेप हैं। लेकिन बड़े शहरों को छोड़कर कहीं भी इसकी पूरी पालना नहीं की जा रही। इसके अलग-अलग चरण हैं- उपचार और पुनर्चक्रण (Processing Recycling)

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