भास्कर न्यूज| सरायकेला जिला मुख्यालय सरायकेला में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है और विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं। इस यूनिट के शुरू होने से जिले के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब तक गंभीर मरीजों को प्लेटलेट्स या प्लाज्मा चढ़ाने के लिए जमशेदपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। विशेष रूप से डेंगू, थैलेसीमिया तथा सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में तत्काल प्लेटलेट्स की आवश्यकता पड़ने पर परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित होने के बाद रक्त को अलग-अलग कंपोनेंट प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पैक्ड सेल में विभाजित कर जरूरतमंद मरीजों को तुरंत उपलब्ध कराया जा सकेगा। सदर अस्पताल में ब्लड बैंक के ऊपर ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इस ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना को लेकर राज्य स्तरीय नोडल पदाधिकारी द्वारा स्थल निरीक्षण व यूनिट की स्थापना को लेकर सभी विभिन्न पहलुओं पर सहमति जताई गई है। यानी राज्य स्तर पर भी ब्लड सेपरेशन यूनिट को हरी झंडी मिल चुकी है। यूनिट चालू होने के बाद जिले में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूती मिलेगी और रेफर मामलों में कमी आएगी। जिला मुख्यालय में इस सुविधा की शुरुआत से सरायकेला-खरसावां स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर होगा। मरीज को बाहर रेफर करने की आवश्यकता नहीं होगी : सीएस सिविल सर्जन डॉक्टर सरयू प्रसाद सिंह ने बताया कि सरायकेला-खरसावां जिले में ब्लड सेपरेशन यूनिट की स्थापना को लेकर राज्य स्तर पर सहमति जताई गई है। राज्य स्तरीय टीम के निरीक्षण के बाद स्थल चयन कर लिया गया है। इसकी स्थापना से जिले के लोगों को काफी लाभ मिलने वाला है। प्लेटलेट एवं प्लाज्मा के लिए मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में यहां के मरीजों को जमशेदपुर रेफर किया जाता है, परंतु अब ऐसे मरीजों को बाहर रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।


