भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला जिले के भरनो प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती देर रात एक जंगली हाथी ने प्रखंड के बोडोटोली और कुसुम्बाहा गांव में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथी ने दो ग्रामीणों के आशियाने उजाड़ दिए और घर में रखे अनाज व वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगली हाथी सबसे पहले बोडोटोली गांव में दाखिल हुआ। यहां हाथी ने तिजंती उरांव के घर को निशाना बनाया। हाथी ने घर की दीवार को इस कदर धक्का दिया कि वह ढह गई। मलबे में दबने के कारण घर के भीतर रखी दो साइकिल, एक मोटरसाइकिल और एक जनरेटर मशीन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। नुकसान केवल संपत्ति तक सीमित नहीं रहा। मलबे की चपेट में आने से घर के अंदर मौजूद 12 मुर्गियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बकरी के बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। हाथी ने घर में रखा एक बोरा धान भी चट कर दिया और काफी अनाज बिखेर कर बर्बाद कर दिया। पीड़ित परिवार ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन अपनी आंखों के सामने अपनी जमा-पूंजी को नष्ट होते देख वे गहरे सदमे में हैं। बोडोटोली में तबाही मचाने के बाद हाथी कुसुम्बाहा गांव की ओर मुड़ गया। यहां हाथी ने छोटन गोप के मकान पर हमला किया। हाथी ने घर के मुख्य दरवाजे को तोड़ दिया और भीतर रखा एक बोरा धान व चावल खा लिया। हाथी के डर से ग्रामीण अपने घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को विवश दिखे। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों का झुंड लगातार जंगल से सटे गांवों में प्रवेश कर रहा है।


