भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला सीताराम साव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर,भरनो के सभागार में गुरुवार को राष्ट्रवादी चिंतक माधव सदाशिव राव गोलवलकर (गुरुजी) की जयंती व महान वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास,श्रद्धा व गारिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति और प्रेरणादायक संदेशों से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुजी गोलवलकर व छत्रपति शिवाजी महाराज के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित आचार्यों ने दोनों महान विभूतियों के जीवन, विचार और राष्ट्रहित में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय ने संबोधित करते हुए कहा कि गुरुजी गोलवलकर ने अपने विचारों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संगठन शक्ति व सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य किया। उन्होंने समाज को एकता के सूत्र में बांधने और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को सशक्त बनाने का संदेश दिया। वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज ने साहस, वीरता, न्याय और स्वराज की भावना को साकार कर भारत के गौरवशाली इतिहास में अमिट स्थान बनाया। प्रधानाचार्य ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन संघर्ष, पराक्रम और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अत्याचार के विरुद्ध आवाज बुलंद करते हुए स्वराज की स्थापना की ।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, कविता पाठ, प्रेरक विचार एवं भाषण प्रस्तुत किए गए। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को शैक्षिक व प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आचार्य मुकेश कुमार शाही, संतोष तिवारी, लिविंग केरकेट्टा, संयुक्ता देवी, ज्योति पांडेय सहित विद्यालय के अन्य आचार्यगण व बड़ी संख्या में भैया-बहन उपस्थित थे।


