भास्कर न्यूज |गुमला झारखंड के गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित लट्ठा बरटोली गांव में अंधविश्वास ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। डायन बिसाही के आरोप में 65 वर्षीय निर्मल लकड़ा और उनके 55 वर्षीय भतीजा कोयला लकड़ा पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों गंभीर रूप से घायल हैं और सदर अस्पताल में इलाजरत हैं। घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है। कोयला लकड़ा के अनुसार वे अपने चाचा निर्मल लकड़ा के साथ केरकी महुआ टोली गांव से मेहमानी कर पैदल घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही मुड़ा लकड़ा ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और डायन होने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया और आरोपी ने चाकू निकालकर दोनों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में निर्मल लकड़ा के पेट में चाकू घोंप दिया गया, जबकि कोयला लकड़ा के कान के पास वार किया गया। दोनों लहूलुहान होकर गिर पड़े। आरोपी की मंशा साफ तौर पर हत्या की बताई जा रही है, लेकिन किसी तरह दोनों ने जान बचाकर वहां से भागने में सफलता पाई। खून से सने हालत में वे घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। देर रात दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार को हालत में कुछ सुधार होने पर कोयला लकड़ा ने सदर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन और पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चलाने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अंधविश्वास अब भी जानलेवा साबित हो रहा है। यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर कब तक निर्दोष लोग डायन के नाम पर हिंसा का शिकार होते रहेंगे? गांव में फिलहाल तनाव का माहौल है, और लोग दहशत में हैं। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


