भास्कर न्यूज |गिरिडीह नगर निगम के वार्ड संख्या 34, 35 और 36 में आज भी पेयजल, नाली, गली, स्ट्रीट लाइट और नियमित सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जब नगर निगम सुविधा के नाम पर टैक्स वसूलता है, तो फिर जमीन पर सुविधाएं क्यों नजर नहीं आतीं। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। नाली निर्माण नहीं होने के कारण गलियां नदी का रूप ले लेती हैं और पानी घरों के सामने जमा हो जाता है। तीनों वार्डों के निवासियों ने नगर निगम प्रशासन से शीघ्र स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाएं मिल सकें और जीवन स्तर में सुधार हो। वार्ड 34 के मिन्हाज अंसारी, शब्बीर अंसारी, बब्बन अंसारी, युसुफ अंसारी, मिंटू अंसारी, सुनील दास, राजू दास, बबलू दास, दिलीप दास, पूनम देवी और कुंती देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में अब तक स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। मुख्य सड़क पर दिसंबर 2025 में स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, लेकिन करीब 25 प्रतिशत लाइटें बंद पड़ी हैं। नाली के अभाव में गली और सड़क पर गंदा पानी बहता रहता है। पेयजल की समस्या सबसे गंभीर है और कई परिवारों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है। सफाई कर्मी महीने में एक बार आते हैं और औपचारिकता पूरी कर चले जाते हैं। वार्ड 35 के कैलु साव, सैलु साव, राजू पंडित, भोला पंडित, जागो पंडित, सोनू पंडित, शंकर दास, शिबू दास और कमल दास ने बताया कि नाली की कमी के कारण घरों का पानी सीधे गलियों में बहता है। सालभर शुद्ध पेयजल की समस्या बनी रहती है। स्ट्रीट लाइट की भी भारी कमी है, जिससे रात में लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। सफाई केवल मुख्य सड़क तक सीमित रहती है, जबकि अंदरूनी गलियां उपेक्षित हैं। वार्ड 36 के सुरेश विश्वकर्मा, मनिलाल विश्वकर्मा, शंकरलाल विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा, नंदू विश्वकर्मा, मुन्ना सिंह, नूर अंसारी, राजू प्रसाद, रंजीत कुमार और संतोष कुमार ने बताया कि नाली निर्माण नहीं होने से पानी की निकासी नहीं हो पाती। जहां नालियां बनी हैं, वे कचरे से भरी रहती हैं। बारिश के दौरान मोहल्लों में जलजमाव हो जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पेयजल संकट यहां भी स्थायी समस्या बना हुआ है और लोगों को मजबूरी में पानी खरीदना पड़ता है।


