कामदेव साहू | महासमुंद डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने महासमुंद नगर पालिका में नई पहल की जा रही है। अब शहर के हर घर के बाहर डिजिटल नंबर प्लेट और क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। डिजिटल विजनरी सोच के चलते अब शहर के हर घर, दुकान और कॉम्प्लेक्स की अपनी एक डिजिटल कुंडली होगी। यह कुंडली किसी कागज पर नहीं, बल्कि घर के बाहर लगने वाली डिजिटल नंबर प्लेट में छिपी होगी। इस पहल के साथ ही महासमुंद पालिका प्रदेश के उन चुनिंदा निकायों में शामिल हो जाएगा, जहां सरकारी सेवाएं अब जनता के दरवाजे पर दस्तक देंगी। इससे शहरवासियों को टैक्स भुगतान से लेकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे कामों के लिए सरकारी दफ्तर नहीं जाना होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए जीआईएस सर्वे पहले ही पूरा हो चुका है। वर्तमान में निकाय में सर्वेयर पहुंच रहे हैं और वार्डों में डिजिटल डोर सर्वे का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सर्वे में महासमुंद के 30 वार्डों में करीब 15 हजार घरों को चिन्हांकित कर लिया गया है। इसके पूर्व वित्तीय वर्ष 2022 -23 जीआईएस सर्वे किया गया था। लेकिन कई अधिकतर मकानों की जानकारी संबंधित मकान मालिकों के द्वारा प्रदान नहीं किया गया था, इसके चलते जानकारी अधूरी थी। अब सर्वे टीम घर-घर जाकर यूजर चार्जेस, नल टैक्स, मोबाइल नंबर जुटा रही है। मकान चिह्नांकित िकए जा रहे हैं। पुलिस, एंबुलेंस फायर ब्रिगेड की त्वरित सेवाएं: पालिकाध्यक्ष निखिलकांत साहू ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना है। अब कचरा नहीं उठने या आगजनी जैसी स्थिति में कर्मचारियों को घर ढूंढने में समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित मकान की सटीक लोकेशन और मालिक की जानकारी पालिका के पास पहुंच जाएगी। इस तरह का रहेगा क्यूआर कोड। डिजिटल नंबर प्लेट दूसरे चरण में लगाने की तैयारी पहले चरण में मार्किंग हो रही है। जो घर पहले छूटे, उन्हें चिन्हित कर रजिस्टर में दर्ज करेंगे। इसके लिए पत्रक भरे जा रहे है। दूसरा चरण में जिन घरों की मार्किंग हो जाने के बाद घर के बाहर दीवाल में डिजिटल डोर नंबर प्लेट लगाए जाएंगे। पालिका ने शहरवासियों से इस कार्य में सहयोग की अपील की है, ताकि जल्द से जल्द घरों में यूनिक नंबर प्लेट लगाए जा सकें। जानिए, डिजिटल प्लेट की खासियत: प्रत्येक घर के बाहर लगने वाली इस प्लेट पर एक यूनिक आईडी और क्यूआर कोड होगा। इसमें मुख्य रूप से वार्ड का नाम और नंबर, मकान मालिक का नाम, मकान नंबर (यूनिक आईडी के साथ) शामिल है। डिजिटल नंबर प्लेट लगने के बाद नागरिक अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर 26 प्रकार की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।


