हेल्थ रिपोर्टर| भिलाई जननी सुरक्षा योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग हर प्रसव पर नजर रखता है। इसके लिए सभी सरकारी व निजी अस्पतालों से समय-समय पर गर्भवती की डिलिवरी व मौत संबंधित जानकारी मांगी जाती है। गर्भवतियों की संख्यात्मक जानकारी देने में ही जिले के 39 निजी अस्पतालों ने गड़बड़ी की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पतालों के प्रबंधन ने अप्रैल से लेकर दिसंबर 2025 तक हुई डिलिवरी व मौत संबंधित जानकारी दिसंबर में ऑनलाइन विभाग को भेजी थी। वही जानकारी दोबारा जनवरी 2026 में विभाग ने मंगाई गई तो दोनों के आंकड़ों में भारी अंतर मिला। अस्पतालों ने अप्रैल से लेकर दिसंबर तक हुई डिलिवरी और मौत के संदर्भ में दो बार विभाग को दो अलग-अलग आंकड़े भेजे हैं। ऐसे में नर्सिंग होम एक्ट के पर्यवेक्षीय अधिकारी व कलेक्टर अभिजीत सिंह की ओर से 42 निजी अस्पतालों को नोटिस थमाया गया है। इसमें अस्पतालों से मिली जानकारी को सुधार कर भेजना कहा गया है। नहीं भेजे जाने की दशा में नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 10-20 डिलिवरी नहीं 866 डिलिवरी पचा लिए : निजी अस्पतालों की यह कारस्तानी 10-20 डिलिवरी तक सीमित नहीं है। बल्कि उनके द्वारा भेजे गए आंकड़ों में 866 डिलिवरी का भारी अंतर मिला है। मतलब यह कि अस्पतालों ने जो पहले आंकड़ा भेजा था। दोबारा आंकड़ा भेजा तो 866 डिलिवरी कम होना बताया है। अब स्वास्थ्य विभाग पता कर रहा कि पूर्व में बताई गई 866 डिलिवरी कहा चली गई हैं।


