मेयर ने एंटीसिपेशन पॉवर का इस्तेमाल कर ई-ऑक्शन को दी मंजूरी, 9 मेंबरी कमेटी गठित

शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद निगम ने डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट कराने को लेकर तैयारियां तेज कर दी है। मेयर जतिंदर सिंह भाटिया ने फताहपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स में खाली पड़े करीब 116 प्लाटों के ई-ऑक्शन कराने को एंटीसिपेशन पॉवर का इस्तेमाल करते हुए मंजूरी दी है। जिसमें 600 गज के 74 तो 300 गज के 42 प्लाट हैं। प्लाट का रिजर्व प्राइस 12,500 रुपए प्रति गज तय किया गया है। ई-ऑक्शन 25 फरवरी को ओपन होगी और 27 फरवरी तक बोली लगा सकेंगे। निगम के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, ई-ऑक्शन कराए जाने को लेकर ज्वाइंट कमिश्नर के निर्देशन में 9 मेंबरी कमेटी का गठन भी किया जा चुका है, जिसमें असिस्टेंट कमिश्नर, एस्टेट अफसर, 2 पार्षद, डीसीएफए, हेल्थ अफसर, लीगल एडवाइजर, एसई सिविल शामिल हैं। एक डेयरी मालिक ने बताया कि करीब 22 साल पहले 2002-03 में ई-ऑक्शन कराई गई थी। तब 100 प्लाट डेयरी मालिकों ने खरीदे थे। इनमें 35 सभी इंस्टालमेंट जमा करा चुके हैं लेकिन निगम आज तक रजिस्ट्री कराकर नहीं दे पाया है। जबकि अधिकत ने तो इं स्टालमेंट ही जमा नहीं करवाया है। यहां तक कि फताहपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स में सुविधाएं भी नदारद हैं। जिस तरह की सुविधा वहां पर है, क्या उस हिसाब से ई-ऑक्शन का रेट सही लगाया गया है। रिहैबिलिटेशन कराया जा रहा न कि कोई बड़ा कारोबार करने के लिए कोई सौदेबाजी का खेल हो रहा है। प्राइवेट लोगों से जगह खरीदने पर 5 हजार रुपए पर गज के हिसाब से ही जगह मिल जा रही है। 12500 रुपए प्रति गज का रेट काफी ज्यादा है। भगतांवाला में डेयरी चला रहे गगनदीप सिंह ने कहा कि निगम ने काफी अधिक रेट रखा है। सरकारी नियम अनुसार एक पशु के लिए 12 गज जगह होनी चाहिए। यानि 100 पशुओं के लिए 1200 गज। लेकिन ऑक्शन को लेकर जो 12,500 रुपए रेट तय किया गया है, उस हिसाब से एक हजार गज जगह 1.25 करोड़ रुपए की बनेगी। यदि बोली अधिक लगी तो उसका रेट ज्यादा जाएगा। वहीं, यदि प्लाट पर डेयरी मालिक सवा करोड़ खर्च करेगा तो 60 से 70 लाख रुपए डेयरी तैयार कराने में लगेंगे। 2 करोड़ का खर्च कोई डेयरी मालिक कैसे करेगा। नियम यह भी है कि जब रिहैबिलिटेशन कराया जाता है तो कम से कम रेट पर जगह दी जाती है। मगर डेयरी मालिकों के साथ यह धक्केशाही के अलावा कुछ नहीं है। निगम के ज्वाइंट कमिश्नर जय इंद्र ने बताया कि फताहपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स में ई-ऑक्शन कलेक्टर रेट के आधार पर कराया जा रहा है। डिस्ट्रिक प्राइस एंड डिस्ट्रीब्यूशन कमेटी की मीटिंग हुई थी जिसमें डीसी खुद शामिल थे। कमेटी की ओर से रेट फिक्स किया गया है। बता दें कि फताहपुर डेयरी कॉम्प्लेक्स जिस इलाके में आता है वहां रेजिडेंशियल की बात करें तो 2024-25 में कलेक्टर रेट 7000 रुपए पर स्क्वायर यार्ड था जो 2025-26 में 8500 रुपए हो गया। यह बढ़ोत्तरी 21.43 प्रतिशत है। जबकि कॉमर्शियल रेट पर गौर करें तो 2024-25 में प्रति स्क्वायर यार्ड 16,500 रुपए था जो 2025-26 में 18,500 पहुंच गया। इसके 12.12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। निगम के दायरे में 354 डेयरियां चल रही हैं और 5,443 पशु चिन्हित किए गए हैं। वहीं भगतांवाला के डेयरी मालिक बलविंदर का कहना है कि 65 किला के पास 15 दिन पहले 25 गज का सौदा 5 हजार प्रति गज के हिसाब से किया है। मगर निगम किस हिसाब से इतने महंगे रेट पर ई-ऑक्शन करवा रहा है ये समझ से परे है। 2002-03 में तो करीब 408 रुपए पर गज के हिसाब से डेयरी कॉम्प्लेक्स में ही बोली लगाई गई थी। इनके पास प्लाट भी 116 हैं। ऐसे में डेयरी मालिकों की मजबूरी का फायदा उठाया जा रहा है। चूंकि 354 डेयरियों के हिसाब से 3 गुना अधिक बोलीदाता आएंगे। रेट इतना ज्यादा है कि शायद ही कोई डेयरी मालिक इंटरेस्ट दिखाएगा। डेयरी शिफ्ट करने कोई आपत्ति नहीं है लेकिन रेट कम रखना चाहिए। निगम कमिश्नर ने शिफ्टिंग के लिए 27 फरवरी तक मोहलत तो दी है लेकिन यदि कोई डेयरी मालिक ई-ऑक्शन के जरिए जगह ले भी लेता है तो 2 दिन में पशुओं के रहने का इंतजाम कैसे करा लेगा।

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