100 साल बाद साफ हुआ नाला, 90% जाम इसीलिए निगम-गिन्नाणी में भरता था पानी

हर बारिश में शहर की सड़कें दरिया क्यों बनती हैं। इसकी वजह शहर का ड्रैनेज सिस्टम तो खराब है ही मगर उसमें सबसे बड़ी भूमिका जाम नालों की है। ऊपर से ​नालों को पाटकर इस समस्या को और बढ़ा दिया। खुले नाले आसानी से साफ होते थे मगर अब बंद नालों को तोड़कर साफ नहीं किया जा सकता। इसलिए ही शहर हर बारिश में डूबता है। दो दिन पहले ही निगम ने पेट्रोल पंप के पास एक नाला साफ कराया। कहते हैं 100 साल बाद उस नाले की इतनी गहराई लोगों ने देखी क्योंकि उसकी सफाई ऊपरी तौर पर होती रही। तला कभी देखा नहीं। पहली बार इस नाले का तला देखा गया। ये 90 प्रतिशत जाम था और इसीलिए निगम के सामने का पानी 8 से 10 घंटे बाद रिसकर निकलता था। दरअसल पिछले साल नगर निगम ने करीब 6 करोड़ से नाले साफ कराए। मगर इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद भी सफाई का असर ​इसलिए नहीं हुआ क्योंकि नाले ठीक वैसे ही साफ हुए जैसे परंपरागत तरीके से होते आए हैं। पटे नालों को साफ करने का एक ही तरीका बचा है कि 50 या 100 मीटर पर जो चैंबर बना है उसे हटाकर वहां का कचरा निकाल दिया और सफाई मान ली जाती है जबकि पटे हुए नाले के नीचे कितने फीट सिल्ट जमी है और जब तक वो सिल्ट नही निकलेगी तब तक चैंबर की भी सफाई बेअसर है। इसका जीता जागता प्रमाण ​दो दिन से निगम के पास पेट्रोल पंप के पीछे वाले नाले की सफाई ने दे दिया। जब इस नाले की तह तक सफाई हुई तो सामने आया कि ये नाला को 6 फीट से ज्यादा गहरा है। 5 फीट से ज्यादा चौड़ा है। इसकी इस हद तक तो कभी सफाई हुई ही नहीं। ये 90 प्रतिशत जाम था। फिर नगर निगम के सामने भरने वाला पानी निकले कैसे। 90 प्रतिशत जाम नाले से उम्मीद करें कि पानी एक घंटे में निकल जाए तो कैसे निकले। फिर टेंडर होंगे नालों के : नगर निगम इस साल भी टेंडर करेगा। इस बार भी सफाई का काम दो से चार करोड़ तक जाने के आसार हैं मगर लोगों का निगम से एक ही सवाल है कि सफाई ऐसी हो जिससे नाले की तह तक का कीचड़ बाहर आए। अगर मुहाने साफ करके ही पैसे लुटाने हैं तो इससे बेहतर है निगम की जेसीबी से ही ये काम करा लिया जाए और जनता की गाड़ी कमाई का पैसा बर्बाद ना हो। शहर में 171 नाले, 14 पर टिका पानी निकासी का भार : बीकानेर शहर में नगर निगम रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 171 छोटे व बड़े नाले सूचीबद्ध हैं। जिनमें से 14 मुख्य नालों को शहर की जल निकासी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ये नाले मुख्य रूप से शहर के निचले इलाकों में पानी जमा होने का कारण बनते हैं जिन्हें अब साफ करने का काम किया जा रहा है।

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