केंद्र सरकार के पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान को लेकर विभाग अब पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। शासन सचिव डॉ. समित शर्मा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. रामकिशन महावर ने डीग और कामां ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ बैठक लेकर स्पष्ट किया है कि भारत पशुधन पोर्टल पर टीकाकरण की भौतिक प्रगति को शत-प्रतिशत ऑनलाइन अपलोड करने की अवधि 25 फरवरी तक बढ़ाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगले अंतिम तिथि तक डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया, तो संबंधित टीकाकर्मी और कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए कार्मिक स्वयं जिम्मेदार होंगे। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभाग का लक्ष्य वर्ष 2025 तक रोग नियंत्रण और 2030 तक इसके पूर्ण उन्मूलन का है। इसी क्रम में संयुक्त निदेशक ने श्री गोपाल गौशाला, बादीपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने गौशाला प्रबंधन को साफ-सफाई के कड़े निर्देश देते हुए वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि गोवंश में बछड़ों और दुग्ध उत्पादित गायों को अलग-अलग बाड़ों में रखा जाए ताकि उनका उचित पोषण और देखभाल सुनिश्चित हो सके। साथ ही चारे-पानी की उपलब्धता को लेकर भी प्रबंधन को सतर्क रहने को कहा गया है।


