विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान अधूरे जवाब पर कांग्रेसी विधायकों ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को घेर लिया। आमेर विधानसभा के अचरोल में अस्पताल को लेकर सही जवाब नहीं देने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। मंत्री खींवसर ने फिर भी जवाब नहीं दिया तो कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया। इससे पहले भरतपुर में सामुदायिक अस्पताल को लेकर पूछे गए सवाल पर भी चिकित्सा मंत्री और भरतपुर विधायक के बीच नोकझोंक हुई। नोहर में बाइपास सड़कों का अलाइनमेंट बदलने और चहेतों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सदन में
हंगामा किया। दरअसल कांग्रेस विधायक प्रशांत शर्मा ने अचरोल में प्रस्तावित सैटेलाइट अस्पताल को लेकर सवाल पूछा। इस पर चिकित्सा मंत्री ने कहा कि मौजूदा सैटेलाइट अस्पताल हेरिटेज भवन में स्थित है, जहां नया निर्माण संभव नहीं है। नई जमीन के लिए जेडीए को पत्र लिखा गया है। जमीन मिलने पर अस्पताल बनाया जाएगा। इस पर आपत्ति जताते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री आमेर और अचरोल को लेकर भ्रमित हैं। विधायक पूछ रहे हैं कि अचरोल के लिए स्वीकृत अस्पताल को कहीं और शिफ्ट किया गया है या नहीं और क्या सरकार उसे मूल स्थान पर बहाल करेगी। लेकिन, मंत्री जवाब नहीं दे पाए। इस पर कांग्रेस विधायकों ने स्पीकर से जवाब दिलवाने की मांग की। स्पीकर ने कहा कि जो उत्तर देना था, दे दिया। मैं मंत्री को कह ही सकता हूं। स्पष्ट जवाब न मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की और प्रश्नकाल का बहिष्कार कर दिया। सभी विधायक कुछ देर के लिए बाहर चले गए। सट्टा और ऑनलाइन गेम कंपनियों ने भाजपा सरकार को करोड़ों का चंदा दिया, युवा लत में डूबे : चांदना गुरुवार को उद्योग, युवा और खेल मामलात की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक अशोक चांदना ने भाजपा सरकार पर कई हमले किए। ऑनलाइन सट्टे को लेकर कहा कि राजस्थान के युवाओं के सामने आज बेरोजगारी, नशे और ऑनलाइन सट्टे की चुनौती है। केंद्र सरकार तीन-चार महीने पहले ऑनलाइन सट्टा बंद करने का बिल लाई। ऑनलाइन सट्टा चालू किसने किया? इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए ऑनलाइन सट्टा गेमिंग कंपनियों ने भाजपा को करोड़ों रुपए का चंदा दिया, जो युवाओं का खून चूस रही है। भारत सरकार ने ऑनलाइन सट्टे पर बैन लगाया, लेकिन यह आज भी चल रहा है। ऑनलाइन सट्टे में युवा पैसा हार जाते हैं, उसके बाद में नशा करने लग जाते हैं। उसके बाद एक नया तंत्र चालू हो जाता है। युवा सट्टे में हारे पैसे चुकाने के लिए 10-20 रुपए सैकड़ा पर पैसा उधार लेने लग जाते हैं। इससे मर्डर तक हो रहे हैं। ऐसी शिकायतों का अभियान चलाएं, कौन ज्यादा ब्याज लेकर शोषण कर रहा है। पुलिस केवल बजरी के ट्रक गिनने में व्यस्त है। मनरेगा से गांधी हटाए, हिम्मत है तो 100 के नोट से हटाकर दिखाओ : सदन में एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के चाइनीज रोबोट को खुद का बताने से जुड़े विवाद का मामला गूंजा। कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने बहस में कहा कि दिल्ली में हो रही एआई समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने नकली रोबोट पेश करके देश की प्रतिष्ठा गिराई। पूरी दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है कि यह हो क्या रहा है, यह गलत है। मनरेगा से गांधी को हटाने पर मेहर ने कहा आपको गांधीजी से इतनी तकलीफ है तो नोट से उनकी तस्वीर हटाकर दिखाओ। गो हत्यारों को 50 लाख दिए गहलोत सरकार ने
उद्योग की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान बीजेपी विधायक महंत बालकनाथ के आरोपों पर सदन में नोकझोंक हो गई। बालकनाथ ने भिवाड़ी में अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे का जिक्र किया। इसी दौरान नोकझोंक शुरू हो गई। बालकनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा-आपकी सरकार ने तो 50 लाख रुपए गोहत्यारों को दिए थे। आपके गहलोतजी ने जो उदयपुर के अंदर हिंदू भाई की हत्या हुई थी, उसके आरोपियों को बचाने का काम किया, वह आपको याद है? आपकी सरकार के अंदर क्या हुआ था?
इस पर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इन्होंने गहलोतजी का नाम लिया। हमने तो कन्हैयालाल के परिवार को 50-50 लाख दिए हैं, दोनों बच्चों को नौकरी दी है। आप लोगों ने तो आरोपियों की जमानत करवा दी। बालकनाथ ने फिर पलटवाार करते हुए कहा कि आपने समुदाय विशेष को मुआवजा देने का काम काम किया। जयपुर में एक हिंदू भाई मर जाता है उसकी तरफ देखते तक नहीं। बाईपास रोड का अलाइनमेंट बदलने को लेकर हंगामा
नोहर में बाईपास सड़कों का अलाइनमेंट बदलने को लेकर सदन में हंगामा व नोकझोंक हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और डिप्टी सीएम दीया कुमारी के बीच तीखी बहस हुई। जूली ने आरोप लगाया कि चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए सड़क का अलाइनमेंट बदला गया। पहले फ्लाईओवर बनना था, अब जो जगह टी-पॉइंट बनेंगे, वहां सड़क हादसे बढ़ेंगे। इसका जिम्मेदार कौन होगा? इस पर डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने कहा कि रोड सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट के बाद ही नया अलाइनमेंट तय किया है। प्रदूषण हमारा खराब और फायदा हो रहा बाहरी को
विधायक अर्जुन जीनगर ने बड़े उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने और इससे हो रहे प्रदूषण का मामला उठाया। बोले-हमारे इलाके में प्लांट के लिए बड़ी जमीन हिंदुस्तान जिंक को दी गई है। यहां पर स्थानीय लोगों को रोजगार कम मिलता है। विदेशी कंपनियों और विदेशी लोगों को रोजगार ज्यादा मिलता है। स्थानीय कंपनियों को यहां ठेका भी नहीं मिलता। बाहरी कंपनियों और बाहरी लोग आते हैं। स्थानीय लोगों का शोषण होता है। हमारे लोगों के शरीर में लेड की मात्रा बढ़ी है।


