बांसवाड़ा जिले के बहुचर्चित हत्याकांड में जिला एवं सेशन न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद की अदालत ने अपने ही दोस्त की जान लेने वाले आरोपी हितेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला साल 2021 का है, जिसमें एक जन्मदिन की पार्टी खूनी संघर्ष में बदल गई थी। यह था पूरा मामला लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने बताया – घटना 28 जून 2021 की है। आरोपी हितेश पुत्र भरत, निवासी डूंगरिया अपने साथियों के साथ दोस्त पीयूष का जन्मदिन मनाने डांगल गांव गया था। उत्सव के लिए डीजे और पिकअप गाड़ी का इंतजाम किया गया था। गांव के ही स्कूल परिसर में पार्टी का आयोजन हुआ, जिसमें सुनील और मनोहरलाल भी शामिल थे। शराब और डांस के बीच हुआ हमला पार्टी के दौरान आरोपी हितेश और उसके साथियों ने शराब पी थी। डीजे पर डांस के दौरान विवाद हुआ। इसी बीच हितेश ने मनोहरलाल को किसी बहाने से दूर ले जाकर चाकू से हमला कर दिया। जब सुनील ने अपने दोस्त मनोहरलाल को बचाने की कोशिश की और चीख-पुकार सुनी, तो हितेश ने उस पर भी ताबड़तोड़ वार कर दिए। इलाज के दौरान तोड़ा था दम इस हमले में सुनील और मनोहरलाल दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हॉस्पिटल में उपचार के दौरान सुनील की मौत हो गई, जबकि मनोहरलाल किसी तरह बच गया। घटना के बाद खमेरा थाना पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था।


