खरोरा स्थित पीएम श्री भरत देवांगन हाई स्कूल में पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संबंध में शाला प्रबंधन समिति के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी है। आरटीआई के साथ एसडीएम, कलेक्टर और वन विभाग को लिखित शिकायत सौंपी गई है। स्कूल परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने का आरोप है। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष और सांसद प्रतिनिधि अनिल सोनी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि शाला प्रबंधन समिति ने सागौन, शीशम और खम्हार सहित 20 से अधिक पेड़ बिना विभागीय अनुमति के कटवा दिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि काटे गए पेड़ों का उपयोग कहां हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है और न ही प्रबंधन ने कोई आधिकारिक जवाब दिया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ का हवाला अनिल सोनी ने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री ‘एक पेड़ मां के नाम’ का संदेश दे रहे हैं, वहीं उनके नाम से संचालित पीएम श्री स्कूल में इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई चिंता का विषय है। सोनी ने खरोरा के पटवारी पर भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि पंचनामा के दौरान दोनों पक्षों की उपस्थिति जरूरी होती है, फिर भी उन्हें सूचना नहीं दी गई। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है। पटवारी ने मानी चूक पटवारी हरिशंकर निषाद ने बताया कि तहसीलदार के निर्देश पर जल्द पंचनामा करना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि एक पक्ष को फोन कर बुलाया गया, लेकिन जल्दबाजी में दूसरे पक्ष को सूचना नहीं दी जा सकी। शाला समिति का पक्ष शाला विधायक प्रतिनिधि और शाला विकास समिति के सदस्य सुमित सेन ने कहा कि मामला जांच का विषय है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। स्वास्थ्य और भवन सुरक्षा का हवाला शाला समिति अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि परिसर में छातिम के पेड़ थे, जिनसे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने की आशंका थी। छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें हटाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि बाउंड्री वॉल के पास लगे पेड़ों की पत्तियां स्कूल भवन की छत पर गिरती थीं। बारिश में पानी जमा होने से दीवारों को नुकसान पहुंच रहा था और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। स्कूल के विकास और सुरक्षा के दृष्टिकोण से पेड़ हटाने का निर्णय लिया गया।


