जालंधर में कपूरथला के ‘मस्ता दरबार’ (वाल्मीकि दर) के सेवादारों ने आज एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सेवादारों के अनुसार, यह दरबार सन 1947 से पहले का है, जिसकी मर्यादा बाबा मोली शाह जी और बाबा संती जी के समय से चली आ रही है। वर्तमान में बाबा भजन शाह जी इस गद्दी पर विराजमान है। धक्केशाही और रसोई का नुकसान सेवादारों का आरोप है कि करीब पौने दो महीने पहले सुरजीत सिंह नामक व्यक्ति ने दरबार की रसोई जबरन ढहा दी। यह रसोई मेले के दौरान लाखों लोगों के लिए भोजन बनाने के काम आती थी। आरोप है कि जमीन पर कब्जा करने की नीयत से इस घटना को अंजाम दिया गया। लाखों की चोरी और तोड़फोड़ प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रसोई के साथ-साथ वहां रखा कीमती सामान भी नष्ट या चोरी कर दिया गया। इसमें लगभग 15-17 लाख रुपये का सामान और एक 125 केवी का जनरेटर शामिल था। दरबार प्रबंधन ने संगत की सुविधा के लिए यह जमीन खरीदी थी ताकि बड़े मेलों के दौरान कोई परेशानी न हो। पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग सेवादारों का कहना है कि पुलिस ने सबूतों के आधार पर एफआईआर तो दर्ज कर ली है, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। गिरफ्तारी में देरी के कारण मुख्य आरोपी को बेल (जमानत) का समय मिल गया। नामजद आरोपियों के अलावा चार अन्य अज्ञात लोग भी इस घटना में शामिल थे। प्रशासन का आश्वासन आज एसएसपी साहब के साथ हुई बैठक के बाद सेवादारों को आश्वासन मिला है कि अगले तीन-चार दिनों के भीतर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसी भरोसे पर सेवादारों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।


