कमिश्नरेट पुलिस रायपुर द्वारा शुक्रवार 20 फरवरी को पुलिस लाइन रायपुर में आयोजित जनरल परेड के दौरान बलवा ड्रिल का व्यापक अभ्यास किया गया। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य दंगों जैसी आपात स्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों को परखना और मजबूत करना रहा। जनरल परेड के दौरान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वेशभूषा का निरीक्षण किया। इसके बाद कैमरे की निगरानी में करीब एक घंटे तक बलवा ड्रिल का रिहर्सल कराया गया। अभ्यास के दौरान पुलिसकर्मियों को विभिन्न टीमों में विभाजित किया गया, जिनमें प्रदर्शनकारी दल, कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं सहायक दल, अश्रुगैस पार्टी, केन पार्टी, लाठी पार्टी, रिजर्व पार्टी, गिरफ्तारी पार्टी, राइफल पार्टी, प्राथमिक उपचार दल, रिपोर्टर, फोटोग्राफर और पुलिस मुखबिर दल शामिल थे। काननू व्यवस्था बहाल करने रिर्हसल सभी टीमों ने समन्वय और अनुशासन के साथ अभ्यास कर उग्र भीड़ को नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बहाल करने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) गौरव मंडल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर) आकाश मरकाम, सहायक पुलिस कमिश्नर राजेंद्र नगर नवनीत पाटिल, सहायक पुलिस कमिश्नर लाइन नीलेंश कुमार द्विवेदी एवं रक्षित निरीक्षक अनीश सारथी ने जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत लागू प्रावधानों की जानकारी भी दी। जवानों को उपायुक्त ने दिया पुरस्कार अभ्यास पूरा होने के बाद पुलिस उपायुक्त संदीप पटेल ने बल के प्रदर्शन पर संतोष जताया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उत्कृष्ट वेशभूषा वाले जवानों को पुरस्कृत किया गया, जबकि मानकों पर खरे न उतरने वालों को चेतावनी दी गई। परेड के बाद ओआर पेशी लेकर लंबित मामलों का भी निराकरण किया गया। इस जनरल परेड में कुल 530 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।


