गुरदासपुर जिले में डाक विभाग की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। जहां एक युवक द्वारा स्पीड पोस्ट से भेजे गए 15 हजार रुपए के जूते रहस्यमय तरीके से गुम हो गए हैं। युवक पिछले 3 महीनों से डाकघर के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। पीड़ित युवक सक्षम ने बताया कि उसने निर्धारित शुल्क देकर यह स्पीड पोस्ट भेजा था, ताकि उसका जरूरी काम समय पर पूरा हो सके। अब डाकघर कर्मचारी न तो स्पीड पोस्ट की सही जानकारी दे रहे हैं और न ही इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं। सक्षम का आरोप है कि उसे हर बार अलग-अलग जवाब देकर टाल दिया जाता है।
मानसिक रूप से परेशान युवक इस घटना से वह मानसिक रूप से परेशान है और उसे अपने जरूरी काम में भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। युवक ने डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि स्पीड पोस्ट जैसी सुरक्षित सेवा में भी पार्सल गुम होने लगें, तो आम जनता का भरोसा कैसे बना रहेगा। दोषियों पर कार्रवाई की मांग पीड़ित ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर गुम हुए स्पीड पोस्ट का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मामले पर पोस्ट ऑफिस के सुपरिंटेंडेंट चरणजीत सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़के द्वारा भेजा गया पार्सल दिल्ली तक पहुंचा था, लेकिन उसके बाद वह कहीं गुम हो गया। पार्सल का बीमा करवाने की मांग चरणजीत सिंह ने बताया कि इस संबंध में जांच की जा रही है और उन्होंने आगे लिखकर भेजा हुआ है। उन्होंने ग्राहकों से अपील की कि यदि उनका पार्सल महंगा हो, तो उसकी बीमा (इंश्योरेंस) अवश्य करवाएं, ताकि गुम होने की स्थिति में उन्हें मुआवजा मिल सके।


