लुधियाना जिले की खन्ना पुलिस ने 100 करोड़ रुपये से अधिक के एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस संगठित अपराध नेटवर्क की जड़ें भारत से दुबई तक फैली हुई थीं, जहां से यह लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहा था। इस नेटवर्क की मास्टरमाइंड नई दिल्ली की एक महिला निकली है। खन्ना के एसएसपी डॉ. दर्पण आहलूवालिया ने बताया कि 2 सितंबर 2025 को उन्हें नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआर) के माध्यम से 53 मयूल खातों (फर्जी या किराए पर लिए गए बैंक खाते) से संबंधित शिकायतें मिली थीं। इन खातों का उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था।
43 लाख से अधिक की ठगी जांच में पता चला कि इनमें से 53 खाते पुलिस जिला खन्ना क्षेत्र में खोले गए थे, जिनमें अब तक 43 लाख 54 हजार 771 रुपये की धोखाधड़ी की जा चुकी थी। पुलिस ने जांच के दौरान 7 बैंक खातों की गहनता से पड़ताल की, जिसके आधार पर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सोनू कुमार निवासी लुधियाना, सुरिंदरपाल सिंह डिप्टी निवासी खन्ना, विक्की प्रसाद निवासी मंडी गोबिंदगढ़, राजन निवासी लुधियाना, गोपाल निवासी जोधपुर, राजस्थान,आलिया अहमद, निवासी थाना केहरा, दिल्ली और सुमित कुमार झा निवासी वर्धमान, पश्चिम बंगाल, मलन राय उर्फ सोनू निवासी खन्ना को पकड़ा गया देश के विभिन्न राज्यों में 200 से अधिक शिकायतें दर्ज पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरे नेटवर्क में कुल 31 बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था और इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 200 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। अब तक कुल 78 करोड़ 5 लाख 15 हजार 876 रुपये की ठगी सामने आ चुकी है। बाकी खातों की जांच अभी जारी है और आशंका है कि कुल धोखाधड़ी की राशि 100 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है।


