बच्चों से सेक्स-कुकर्म करने वाले पति-पत्नी को फांसी की सजा:जेई अश्लील वीडियो बनाकर बेचता था, बांदा जज बोले- आखिरी सांस तक लटकाओ

यूपी में बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को शुक्रवार को बांदा कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। ये दोनों बच्चों के अश्लील वीडियो-फोटो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे। पति रामभवन सिंचाई विभाग का जेई था, जबकि पत्नी दुर्गावती हाउस वाइफ थी। रामभवन की पोस्टिंग चित्रकूट में थी। पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा- दोनों पति-पत्नी को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए। कोर्ट ने दोनों को 18 फरवरी को दोषी ठहराया था। सीबीआई ने रामभवन को 18 नवंबर, 2020 को अरेस्ट किया था। वहीं, दुर्गावती को गवाहों पर दबाव डालकर समझौता कराने का दोषी पाया गया। मामला और FIR की शुरुआत 31 अक्टूबर 2020: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर राम भवन के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप था कि वह 5 से 16 साल उम्र के बच्चों का यौन शोषण करता था। उनकी वीडियो/फोटो बनाकर डार्क वेब के जरिए अंतरराष्ट्रीय पेडोफाइल नेटवर्क तक पहुंचाता था। गिरफ्तारी और निलंबन 17 नवंबर 2020: CBI की स्पेशल यूनिट Online Child Sexual Abuse Exploitation (OCSAE) ने राम भवन को गिरफ्तार किया। आरोपी पिछले 10 सालों से चित्रकूट, बांदा और हमीरपुर जिलों में बच्चों का यौन शोषण करता रहा। गिरफ्तारी से पहले आरोपी के घर से 8 मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन‑ड्राइव, वेबकैम, सेक्स‑टॉय और ₹8 लाख नकदी बरामद हुई। 18 नवंबर 2020: सिंचाई विभाग ने राम भवन को तत्काल निलंबित कर दिया गया। विभाग ने यह कार्रवाई आरोपी पर लगे गंभीर आरोपों और CBI की गिरफ्तारी के बाद की गई, ताकि जांच पर असर न पड़े और विभागीय अनुशासन बनाए रखा जा सके। दिसंबर 2020: आरोपी की पत्नी दुर्गावती को भी हिरासत में लिया गया। उस पर आरोप था कि वह गवाहों और जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी। 7 जनवरी 2021: POCSO कोर्ट ने आरोपी को CBI की हिरासत एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया, ताकि उसके शारीरिक और वॉइस परीक्षण, AIIMS में विशेषज्ञ जांच और डिजिटल सामग्री की गहन जांच कराई जा सके। 26 नवंबर 2020: CBI ने आरोपी को क्राइम सीन विजिट के लिए भी लिया था। ताकि उसके तरीके (modus operandi) की पुष्टि की जा सके। 12 फरवरी 2021: CBI ने राम भवन और उसकी पत्नी दुर्गावती के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपपत्र में बताया गया कि दोनों ने बच्चों का यौन शोषण किया और अश्लील सामग्री का निर्माण व प्रसार किया। मामले में POCSO एक्ट, CSAM और IT एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई चल रही है। 50 बच्चों के यौन शोषण के सबूत मिले सस्पेंड जेई की जांच में कम से कम 50 बच्चों के यौन शोषण के सबूत मिले हैं, जिनमें वीडियो और फोटो डिजिटल रूप से डार्क वेब और क्लाउड नेटवर्क के माध्यम से 45 देशों में भेजे गए। आरोपी के घर से 8 मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन‑ड्राइव, सेक्स‑टॉय और ₹8 लाख नकद बरामद हुए। CBI की OCSAE यूनिट ने इन सबूतों का पता लगाकर गिरफ्तारी सुनिश्चित की। आरोपी बच्चों को मोबाइल, चॉकलेट और घड़ी जैसी चीजों का लालच देता था। वह इंटरनेट, डार्क वेब व ई‑मेल के जरिए विदेशी पेडोफाइल नेटवर्क से जुड़ा था। 50 से ज्यादा बच्चों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए थे। —————————- ये खबर भी पढ़ेंः- शाह मानहानि केस-राहुल गांधी का आरोपों से इनकार:कहा- राजनीतिक साजिश में फंसाया; सुल्तानपुर में मोची के परिवार से मिले गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को यूपी में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील के मुताबिक, राहुल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह केस राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है। इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…

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