बरकत और इबादत का मुकद्दस महीना रमजान अपने साथ खुशियों की सौगात लेकर आया है। झुंझुनूं में शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे पर उत्साह और रूहानी मंजर दिखा। धूप के बावजूद अकीदतमंदों के जोश में कोई कमी नहीं थी। जिले भर की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ रही। इमाम साहब ने खुतबे (धार्मिक संबोधन) में इबादत के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों पर विशेष जोर दिया। मस्जिद के इमामों ने पुरजोर अपील की कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए लड़के-लड़कियों की पढ़ाई अनिवार्य है। उन्होंने कहा- शिक्षा ही वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर कर सकती है। विशेष तौर पर बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने की वकालत की गई ताकि समाज की नींव मजबूत हो सके। देश में अमन-भाईचारे की दुआ.. इबादत और अकीदत का संगम नमाज के बाद हजारों हाथ एक साथ दुआ के लिए उठे। मस्जिदों में सामूहिक रूप से दुआ मांगी गई कि भारत में हमेशा अमन-चैन और खुशहाली बनी रहे। सभी धर्मों और समुदायों के बीच प्यार और सौहार्द का रिश्ता और मजबूत हो। दोपहर होते-होते झुंझुनू शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की तमाम मस्जिदें नमाजियों से भर गईं। भीड़ का आलम यह था कि कई मस्जिदों में छतों तक पर नमाज अदा की गई। उत्साह इतना था कि मस्जिदों में नमाजियों की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा रही।


