फाजिल्का के श्री प्राणनाथ जी मंदिर में शुक्रवार से तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव शुरू हो गया है। इस अवसर पर श्री निजानंद संप्रदाय रतनपुरी आश्रम से पधारे धर्मोपदेशक विजय आहूजा ने कहा कि परमात्मा और हमारे बीच केवल अज्ञानता का पर्दा है। उन्होंने बताया कि जिस दिन आत्मा भक्ति मार्ग अपना लेगी, यह पर्दा अपने आप हट जाएगा। इस दौरान श्री निजानंद आश्रम सरसावा से अशोक जी भी उपस्थित थे। मीडिया से बातचीत में विजय आहूजा ने कहा कि लोग परमात्मा के एक होने की बात करते हैं, लेकिन विभिन्न मत-मतांतरों के कारण अपने मन से उपजाए परमात्मा के स्वरूप को दूसरे धर्मों के आराध्यों से श्रेष्ठ बताकर परमात्मा को धर्मों की लड़ाई बना देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी धर्म किसी को नीचा नहीं दिखाता। ऐसे में ब्रह्मवाणी और ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति ही हमें उस परमात्मा की वास्तविक पहचान करा सकती है। भजन संध्या और वाणी चर्चा का आयोजन महोत्सव के शुभारंभ के अवसर पर एक अखंड पारायण का भी आयोजन किया गया। इस दौरान ‘आवो जी वाला गान’, झीलना और आरती के बाद पारायण वाचन शुरू हुआ। श्री निजानंद आश्रम रतनपुरी के विजय आहूजा और सरसावा आश्रम के अशोक जी ने श्री कुलजम स्वरूप वाणी पर चर्चा कर सुंदरसाथ को आत्मिक लाभ प्रदान किया। मंदिर में भजन संध्या और वाणी चर्चा कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। शनिवार और रविवार को होंगे ये कार्यक्रम परमहंस महाराज श्री रामरतन दास जी और धर्मवीर जागनीरत्न श्री सरकार साहेब जी की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्री मुखवाणी चर्चा और गायन होगा। शाम 8:30 बजे से 11 बजे तक भी श्री मुखवाणी चर्चा और गायन निर्धारित है। रविवार को सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक धार्मिक मंचन, कीर्तन और श्री मुखवाणी चर्चा होगी। इसके बाद 11:30 बजे से 12:30 बजे तक 11 पारायणों का समाप्ति पूजन किया जाएगा। यह लोग रहे उपस्थित इस मौके मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक प्राणनाथ सेठी, मास्टर सुरेंद्र दूमड़ा, अध्यक्ष राजा राम ग्रोवर, अश्विनी सचदेवा, रजनीश सेठी, विक्की कटारिया, सतीश बब्बर, सुधीर प्रणामी, कलश प्रणामी, लवली प्रणामी, दीपक सचदेवा, बौबी प्रणामी, प्रदीप भगत, योगेश ग्रोवर, प्रदीप सचदेवा, लविश सचदेवा, अनमोल सचदेवा, गौरव दूमड़ा, नरेंद्र प्रणामी, प्रदीप दूमड़ा, संदीप दूमड़ा, अर्श तनेजा, नीटा ग्रोवर, बिट्टा ग्रोवर, टीटू मदान व अन्य सदस्य मौजूद रहे।


