बॉर्डर से सहेट सरहदी इलाके जैसलमेर में एयरफोर्स की सबसे बड़ी एक्सरसाइज वायुशक्ति होने जा रही है। 24 और 27 को होने वाली इस एक्सरसाइज के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत सरहदी इलाके में रहने वाले लोग अपने पालतू मवेशियों को पांच दिन (24 से 28 फरवरी) घर में ही बांधकर रखना होगा। यानी वे उन्हें खुला नहीं छोड़ पाएंगे। इसके साथ ही फायरिंग रेंज से जुड़े इलाकों में आवाजाही और फोटो के साथ वीडियो पर भी रोक रहेगी। इसके लिए लाठी और चांधन क्षेत्र के ग्रामीणों की बैठक अआयोजित हुई। बैठक ग्रामीणों को प्रैक्टिस के दौरान रेंज क्षेत्र से पूरी तरह दूर रहने और सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए है। पशुपालकों के लिए सख्त एडवाइजरी अधिकारियों ने पशुपालकों से विशेष अपील की है कि वे अपने पशुओं (गाय, भेड़-बकरी, ऊंट) को घरों, बाड़ों और ढाणियों या खेतों में ही सीमित रखें। उन्हें चराने के लिए खुला न छोड़ा जाए ताकि वे मुख्य सड़कों या रेंज के प्रतिबंधित क्षेत्र में न पहुंचें । सड़क पर पशुओं के आने से न केवल सैन्य वाहनों के काफिले में बाधा आ सकती है, बल्कि अभ्यास के दौरान किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा भी बना रहता है। पुलिस की चेतावनी: फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर रोक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जैसलमेर पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। सहायक उपनिरीक्षक किशनसिंह भाटी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समयावधि में प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करता है और कोई अनहोनी होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी उस व्यक्ति की स्वयं की होगी। प्रशासन ऐसी स्थिति में किसी भी मुआवजे या सहायता के लिए उत्तरदायी नहीं होगा। सदर थाना प्रभारी प्रेमदान रतनू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जैसलमेर-चांधन मार्ग पर स्थित होटलों, दुकानों और कच्चे डेरों की सघन जांच की। पुलिस ने सख्त निर्देश दिए हैं कि डिफेंस वाहनों और सैन्य गतिविधियों की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करना कानूनन अपराध माना जाएगा। प्रशासन की अपील: रेंज क्षेत्र ‘नो-गो जोन’ घोषित अतिरिक्त विकास अधिकारी भगवान सिंह ने ग्रामीणों को सूचित किया कि 24 से 28 फरवरी की अवधि में फील्ड फायरिंग रेंज और उसके आसपास के बफर जोन में आम नागरिकों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान आधुनिक लड़ाकू विमानों और हथियारों का परीक्षण किया जाएगा, जिससे जान-माल का खतरा हो सकता है। सरपंच महेंद्र चावला और उप-सरपंच भारस खान ने भी ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे इस राष्ट्रीय महत्व के अभ्यास में प्रशासन का सहयोग करें। चांधन और सोजियों की ढाणी में सीएलजी बैठक सुरक्षा चक्र को पुख्ता करने के लिए चांधन पुलिस चौकी और सोजियों की ढाणी में सीएलजी (CLG) सदस्यों की बैठकें आयोजित की गईं। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें और अभ्यास के दौरान वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। वर्तमान में पुलिस द्वारा हल्का क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है ताकि युद्धाभ्यास में किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो। 24 को फुल ड्रेस रिहर्सल, 27 को फाइनल जैसलमेर के पोकरण में 27 फरवरी को एयरफोर्स अपनी ताकत दिखाएगी। 2 साल में एक बार होने वाले इस युद्धाभ्यास का नाम ‘वायु शक्ति-2026’ रखा गया है। 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। मुख्य इवेंट 27 फरवरी को है। इस दौरान दुश्मन के ठिकानों का पता लगाना और आर्मी की मदद करते हुए हवाई हमले और बमबारी की प्रैक्टिस की जाएगी। सेना के इस खास युद्धाभ्यास को देखने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के आने की संभावना है। ये खबर भी पढ़ें….. राजस्थान में ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी:बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा….. राजस्थान के बॉर्डर इलाके में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर बमबारी होगी। दुश्मनों के ठिकानों को चुन-चुनकर नेस्तनाबूद किया जाएगा। आसमान में पहली बार बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा। रिमोट से चलने वाला यह एयरक्राफ्ट पलक झपकते ही टारगेट का खात्मा करता है। इसके अलावा 277 अत्याधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। जैसलमेर के पोकरण में 27 फरवरी को एयरफोर्स अपनी ताकत दिखाएगी। 2 साल में एक बार होने वाले इस युद्धाभ्यास का नाम ‘वायु शक्ति-2026’ रखा गया है। 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी। मेन इवेंट 27 फरवरी को है। इस दौरान दुश्मन के ठिकानों का पता लगाना और आर्मी की मदद करते हुए हवाई हमले और बमबारी की प्रैक्टिस की जाएगी। (खबर पढ़ें) राजस्थान के 8 एयरबेस से एकसाथ उड़ेंगे 125 फाइटर जेट:राफेल-सुखोई दुश्मन के ठिकानों पर बरसाएंगे बम, वायुशक्ति-2026 में PM भी आ सकते हैं.… ऑपरेशन सिंदूर के बाद ग्लोबल एयर पावर के रूप में उभर चुकी भारतीय वायुसेना एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। राजस्थान में एयर पावर का सबसे बड़ा प्रदर्शन होगा। 8 एयरबेस से एक साथ उड़ान भरते 125 से ज्यादा फाइटर जेट हवा और जमीन पर दुश्मन ठिकानों पर सटीक वार करेंगे। इनमें राफेल और सुखोई जैसे जेट शामिल होंगे। भारतीय वायुसेना के मेगा युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति-2026’ की शुरुआत 12 फरवरी से होगी। फाइनल और मुख्य कार्यक्रम पोकरण फायरिंग रेंज में 26 फरवरी को होगा। इसमें राट्रपति और प्रधानमंत्री के भी आने की संभावना है। (खबर पढ़ें)


