सरायकेला| जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के सचिव के निर्देशानुसार शुक्रवार को पतपत टोला गांव में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकार मित्र हरि कुंभकार एवं दिनेश कुंभकार ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी एक व्यक्ति की नशे की लत पूरे परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। नशे की सामग्री प्रारंभ में उत्तेजना देती है, लेकिन धीरे-धीरे व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर और नकारात्मक बना देती है, जिससे आत्मविश्वास में कमी, निराशा और चिड़चिड़ापन बढ़ता है। उन्होंने कहा कि नशे से बचाव ही इसका सर्वोत्तम इलाज है तथा सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों के साथ समय बिताना आवश्यक है। इस दौरान वर्ष 2020 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए नशा मुक्त भारत अभियान की जानकारी दी गई। अभियान का उद्देश्य नशीले पदार्थों की रोकथाम, परामर्श एवं पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराना तथा समाज में व्यापक जागरूकता फैलाना है। मौके पर वार्ड सदस्य राजकिशोर हांसदा सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।


