चूरू | पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल ने शुक्रवार को सादुलपुर विधायक के पूछे गए पूरक प्रश्न के जवाब में विधानसभा में बताया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत राजगढ़-बूंगी प्रोजेक्ट में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान बिना सुपरविजन काम किए गए। इस कारण काम की क्वालिटी में कई खामियां मिली। उन्होंने आश्वस्त किया कि कार्यों की खराब गुणवत्ता के लिए उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध आगामी एक माह में कार्रवाई की जाएगी। बचे हुए काम को भी शीघ्र पूरा किया जाएगा। पीएचईडी मंत्री ने विधायक मनोज कुमार के प्रश्न के जवाब में बताया कि जेजेएम में काम की खराब गुणवत्ता संबंधी शिकायत 16 जून 2025 को प्राप्त हुई, जिसके बाद क्वालिटी तय करने के लिए काम रोक दिया गया। कार्य की जांच के लिए मुख्य अभियंता द्वारा 28 जुलाई 2025 को जांच दल गठित किया गया। जांच दल द्वारा सितंबर 2025 में रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जांच रिपोर्ट में कार्यों में कई खामियां पाई गई हैं। रिपोर्ट के परीक्षण बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि योजना से वंचित गांवों को भी अलग से एस्टीमेट बनाकर परियोजना से जोड़ा जाएगा। काम की धीमी गति पर ठेकेदार का 3.98 करोड़ का पेमेंट रोका : पीएचईडी मंत्री ने बताया कि जेजेएम में स्वीकृत बुंगी-राजगढ़ पेयजल परियोजना के रिट्रोफिटिंग कार्य के क्रियान्वयन के लिए 119.98 करोड़ रुपए का कार्यादेश 27 अक्टूबर 2021 को जारी किया गया था। काम पूरा करने की तिथि 5 मई 2023 थी। वर्तमान में कार्य प्रगति पर है व भौतिक रूप से 68 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। काम को निर्धारित समय में पूरा नहीं किए जाने के कारण संवेदक के भुगतान से 3.98 करोड़ रुपए क्षतिपूर्ति राशि के रूप में रोकी गई है।


