भास्कर न्यूज | अमृतसर टेक्सटाइल मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन की ओर से टीएमए कार्यालय में अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अभिषेक धीमान ने कहा कि एनपीएस स्कीम में निवेश करने से लंबे समय की बचत करने की आदतों को बढ़ावा मिलता है। धीमान ने कहा कि एनपीएस में संबंधित अदारों के कर्मचारी व मालिक, वेतनभोगी तथा अन्य युवा निवेश कर सेवामुक्ति के बाद पेंशन के रूप में जीवनयापन सिक्योरिटी सुनिश्चित करती है। एचडीएफसी पेंशन फंड के सीनियर मैनेजर ऐश्वर्या मुदगल ने एमएसएमई उद्योग से संबंधित कारोबारियों को एनपीएस स्कीम के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने एमएसएमई के लिए एनपीएस के फायदे, एनरोलमेंट प्रोसेस और टैक्स एडवांटेज को लेकर विस्तार से जानकारी मुहैया करवाई। सेमिनार में नए लेबर कोड्स के तहत बदलते रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और इंडस्ट्री पर उसपर प्रभाव बारे भी जानकारी दी गई। इससे पहले टीएमए के प्रधान दीपक खन्ना एवं महासचिव राजीव खन्ना ने गणमान्यों का स्वागत किया। प्रधान दीपक खन्ना ने कहा कि सेवामुक्त प्लानिंग अब ऑप्शनल नहीं बल्कि जरूरी है, खासकर एमएसएमई सेक्टर के उन वर्कर्स के लिए जिन्हें अक्सर पेंशन लाभ नहीं मिलते हैं। उन्होंने आगे कहा कि नए लेबर रेगुलेशन का पालन सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए भी काफी जरूरी है। पीएचडीसीसीआई के अमृतसर ज़ोन के कन्वीनर सीए जयदीप सिंह ने फाइनेंशियल लिटरेसी, सोशल सिक्योरिटी स्कीम बारे लोगों को अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि एनपीएस एक पारदर्शी, ट्रांसपेरेंट, निरंतर गतिशील और कॉस्ट-इफेक्टिव पेंशन समाधान प्रदान कर रहा है। इससे एमएसएमई इको सिस्टम में औद्योगिक इकाईयों के मालिक व कर्मचारी दोनों को काफी फायदा हो सकता है। लॉ विशेषज्ञ एडवोकेट रजत जोशी ने नए लेबर कोड्स पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सरकार द्वार मजूदरों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसमें विशेष बदलाव किए गए हैं। बदलावों बारे विस्तार से कारोबारियों को अवगत करवाया। उन्होंने वेतन, सोशल सिक्योरिटी, इंडस्ट्रियल रिलेशन, ऑक्यूपेशनल सेफ्टी और उद्योग व मजदूर संगठन पॉलिसी को नए फ्रेमवर्क के साथ जोड़ने के महत्व से जुड़े प्रावधानों के बारे में बताया। राजीव खन्ना ने अपने संबोधन में एमएसएमई वर्कफोर्स के बीच फाइनेंशियल सिक्योरिटी और रेगुलेटरी तैयारी की बढ़ती ज़रूरत पर जोर दिया और इस बात पर जोर दिया कि इंडस्ट्री एसोसिएशन लंबे समय की सोशल सिक्योरिटी और कम्प्लायंस अवेयरनेस को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सेमिनार को टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के उपप्रधान कमल डालमिया, पीएचडीसीसीआई के पंजाब स्टेट चैप्टर के अमृतसर जोन के को-कन्वीनर निपुण अग्रवाल ने भी संबोधित किया। इस सेशन में 100 से ज्यादा उद्योगपतियों, फाइनेंशियल विशेषज्ञों, एक्सपर्ट्स तथा एमएसएमई उद्योग से संबंधित कारोबारियों ने भाग लिया।


