अमृतसर| धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से आज का दिन अमृतसर के लिए अत्यंत गौरवशाली रहा। शिवाला बाग भाइयां परिसर में सदियों पुराने और चमत्कारिक सोमनाथ शिवलिंग के दर्शनों के लिए सैंकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस पावन अवसर पर शिवलिंग की उपस्थिति में रुद्र पूजा का आयोजन किया गया, जिसमें संत समाज और शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। इस शिवलिंग का इतिहास बेहद रोचक और श्रद्धापूर्ण है। साल 1025 ईसवी में महमूद गजनबी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के दौरान इसे खंडित करने का प्रयास किया गया था। अग्निहोत्री परिवार ने पिछले एक हजार वर्षों तक इस शिवलिंग के टुकड़ों को गुप्त रूप से सहेज कर रखा और उनकी पूजा की। वर्ष 2025 में, इस परिवार ने इन पावन अंशों को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर को सौंपा। गुरुदेव ने अब इन दिव्य शिवलिंगों के दर्शन पूरे देश में करवाने का संकल्प लिया है, जिसकी शुरुआत पंजाब में अमृतसर से हुई है। यह शिवलिंग न केवल धार्मिक बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अद्वितीय है। इसे चुंबकीय गुणों से युक्त माना जाता है और वैज्ञानिक इसे पृथ्वी के बाहर (खगोलीय मूल) का मानते हैं। पंजाब में कुल चार शिवलिंग दर्शन के लिए लाए गए हैं। दो अलग-अलग टीमें 6 मार्च तक राज्य के प्रत्येक जिले में जाकर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाएंगी। अमृतसर के बाद अब यह यात्रा फिरोजपुर और फिर जीरा के लिए प्रस्थान करेगी। इसी के साथ चंडीगढ़ में भी शुक्रवार से सोमनाथ दर्शन की पावन प्रक्रिया शुरू हो गई है।


