जिला मुख्यालय से 3 किमी दूर बालोद ब्लॉक के ग्राम मेडकी में गुरुवार को ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक कर सख्त सामाजिक नियम लागू किए। सर्वसम्मति से तय हुआ कि सार्वजनिक या व्यक्तिगत रूप से किसी के खिलाफ चुगली करने पर 5 हजार रुपए जुर्माना लगेगा। इसी तरह गांव में आयोजित सामाजिक और धार्मिक सामूहिक भोज में कोई भी व्यक्ति शराब पीकर पहुंचेगा तो उस पर भी 5 हजार रुपए अर्थदंड लगाया जाएगा। सरपंच मंजूलता परस साहू, ग्राम पटेल होरी लाल गजपाल, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, समाजसेवी धनराज साहू और चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि गांव का माहौल खराब न हो, आपसी भाईचारा बना रहे और ग्रामीण सुरक्षित रहें। इसी उद्देश्य से निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोग एक-दूसरे की चुगली कर विवाद की स्थिति पैदा कर रहे थे। इससे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा था। इसे ध्यान में रखकर ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नियम बनाकर अनिवार्य रूप से लागू किया है। इससे पहले भी बच्चों, युवाओं और महिलाओं के हित में सामूहिक बैठक में कई निर्णय लिए जा चुके हैं। गांव में शराब को लेकर पहले से सख्ती है। शराब बेचने और सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे व्यक्ति की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित करने का भी निर्णय है। जुर्माने की राशि जनहित के विकास कार्यों में खर्च की जाती है। ग्रामीण हर माह बैठक कर नियमों की समीक्षा करते हैं। घुमंतू मवेशियों को लेकर भी प्रावधान किया गया है। खेतों में मवेशी जाने पर अधिकतम 500 रुपए जुर्माना तय है। ग्राम विकास समिति के उपाध्यक्ष अम्ब्रेश हिरवानी, सचिव मनोहर साहू और कोषाध्यक्ष दिनेश साहू ने बताया कि नियम लागू होने के बाद पशुपालक सतर्क हुए हैं, हालांकि अब भी कुछ मवेशी खेतों में नजर आते हैं। पशुपालकों को गौठान में रखने या घर में बांधकर रखने की हिदायत दी गई है। भविष्य में ग्राम पंचायत और ग्राम विकास समिति के सहयोग से गांव में सीसी कैमरे लगाने की योजना है। सरपंच ने बताया कि आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण और बेहतर निगरानी के लिए यह कदम उठाया जाएगा। गांव के युवा स्टेडियम सहित अन्य स्थानों की मॉनिटरिंग में सहयोग कर रहे हैं। जैसा ग्राम पटेल होरीलाल गजपाल ने भास्कर को बताया कि बेवजह छोटी बातों को लेकर एक-दूसरे के खिलाफ भड़काने पर गांव का माहौल खराब हो जाता है। इसको रोकने के लिए आम सहमति से फैसला हुआ है।
प्रशासन का नजरिया
अपर कलेक्टर अजय किशोर ने कहा कि ग्रामीण अपने स्तर पर गांव की बेहतरी, माहौल शांत करने के उद्देश्य से ऐसा निर्णय लिए होंगे। यह गांव समिति का अपना कानून है। इस पर हम कोई कमेंट नहीं कर सकते।


