झारखंड विधानसभा में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच दो दिन तक वाद-विवाद के बाद शुक्रवार को धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया। इस बार विपक्ष की ओर से अभिभाषण पर कोई संशोधन प्रस्ताव नहीं दिया गया। झारखंड के 25 साल के संसदीय इतिहास में यह पहली बार है, जब राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के संशोधन प्रस्ताव के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पारित हो गया। हालांकि राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष के द्वारा संशोधन प्रस्ताव देने की कोई बाध्यता नहीं है। मालूम हो कि 18 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण से विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हुई थी। उसी दिन बुधवार को तीन बजे तक विपक्ष को अभिभाषण पर संशोधन का प्रस्ताव सभा सचिवालय को देने की समय सीमा तय थी। क्या होता है अभिभाषण पर संशोधन प्रस्ताव : संविधान के अनुच्छेद 176 के अनुसार हर साल पहले सत्र और चुनाव के बाद पहले सत्र में विधानसभा में राज्यपाल का अभिभाषण होता है। इसमें राज्य सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और उपलिब्धयों का विवरण होता है। इस पर विपक्ष की ओर से संशोधन प्रस्ताव लाने की एक संसदीय प्रक्रिया है। संशोधन प्रस्ताव अनिवार्य नहीं, पर ऐसा होता रहा है
राज्यपाल के अभिभाषण पर संशोधन प्रस्ताव देने की अनिवार्यता नहीं है। लेकिन अब तक ऐसा होता रहा है। संशोधन के माध्यम से विपक्ष विधानसभा में सरकार की नीतियों की आलोचना करता है। असहमति जताता है। जनहित के मुद्दों को सदन में उठाती है। इसके माध्यम से सरकार की असफलता की ओर सभा और जनता का ध्यान आकर्षित करती है। अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा शुरू होती है और सरकार अभिभाषण में उल्लेख की गई अपनी उपलब्धियां और भविष्य की कार्य योजनाओं को सभा में व्यक्त करती है। अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करना और उस पर सभा की सहमति आवश्यक होती है। मरांडी : बोलने को कुछ नहीं, सीएम इसलिए ऐसा कह रहे
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए इस तरह की बातें कर रहे हैं। मैंने गुरुवार को भी सदन में कहा था कि अभिभाषण में उपलब्धि जैसी कोई बात नहीं थी, जिसको लेकर संशोधन का प्रस्ताव दिया जाए। अभिभाषण में सरकार की ओर से लाचारी ही व्यक्त की गई है। मैंने सरकार के खिलाफ जो बातें कही थी, उस पर आज भी जवाब नहीं मिला। चाहे डीजीपी का मामला हो या जमीन का। सरकार की उपलब्धियों पर भाजपा ने लगाई मुहर : सीएम सीएम हेमंत सोरेन ने अभिभाषण के वाद-विवाद पर शुक्रवार को जवाब दिया। कहा कि भाजपा टीम ने सरकार की उपलब्धियों पर अपनी मुहर लगाई है। बजट के दौरान कटौती प्रस्ताव और राज्यपाल के अभिभाषण पर संशोधन प्रस्ताव विपक्ष द्वारा लाया जाता है। लेकिन राज्य में यह पहला उदाहरण है, जब राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष ने संशोधन प्रस्ताव नहीं लाया। इसका सामान्य अर्थ है कि अभिभाषण पर भाजपा सहमत है। विधानसभा का सत्र आज जारी रहेगा : कार्य मंत्रणा समिति में लिए गए निर्णय के आलोक में शनिवार को विधानसभा का सत्र जारी रहेगा। शनिवार को प्रथम पाली में प्रश्न काल एवं द्वितीय पाली में अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद होगा। विस सत्र को देखते हुए कार्मिक विभाग ने शनिवार को बंद रहने वाले सचिवालय एवं संलग्न कार्यालयों को भी खोलने का आदेश दिया है। मधुकर भारद्वाज, पूर्व संयुक्त सचिव, झारखंड विधानसभा


