सोप | कस्बे में स्थित मदनमोहन स्वामी मंदिर की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में शुक्रवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। विवाह प्रसंग के दौरान मंदिर परिसर भक्ति रस से सराबोर हो गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के व्यास पंडित वेदप्रकाश गौतम ने महारास के पंच अध्याय का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि इन अध्यायों में गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के ‘पंच प्राण’ माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि जो भक्त इन गीतों को श्रद्धा और भाव से गाता है, उसे भगवान की भक्ति सहज रूप से प्राप्त होती है और जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। कथावाचक ने रासलीला, माखन चोरी, कुब्जा पर कृपा, उद्धव-गोपी संवाद और रुक्मिणी विवाह के प्रसंगों का संगीतमय और भावपूर्ण चित्रण प्रस्तुत किया। विवाह उत्सव के दौरान ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार किया गया तथा पारंपरिक मंगलगीतों के बीच पुष्प वर्षा की गई। श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया और भक्तिमय भजनों से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक बना रहा। ट्रस्ट अध्यक्ष हनुमान मीना ने बताया कि 21 फरवरी को भागवत कथा की पुनरावृत्ति की जाएगी।


