प्रदेश में संचालित बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी (बीपीटी) संस्थानों में नीट-यूजी 2026 के प्राप्तांकों के आधार पर प्रवेश मिलेगा। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से सत्र 2026-27 में बी.एससी नर्सिंग, बी-फार्मेसी, डिप्लोमा इन फार्मेसी और एलाइड एंड हेल्थ केयर प्रोफेशन कोर्सेज में प्रवेश विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित सीयूईटी-2026 के माध्यम से मिलेगा। इसी तरह से पोस्ट बेसिक डिप्लोमा इन नर्सिंग एडवांस कोर्सेज (पीबीडीएनएसी- 2026), पोस्ट बेसिक बी.एससी नर्सिंग (पीबीबीएससीएन-2026), समस्त पीजी कोर्सेज (एमपीएच, मास्टर इन फार्मेसी) में विवि की ओर से आयोजित आरयूएचएस-पीजीईटी 2026 के तहत आयोजित प्रवेश परीक्षा के जरिए मिलेगा। जबकि पीजी डिप्लोमा इन परफ्यूजन टेक्नोलॉजी में प्रवेश विवि की ओर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया एवं ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से दिया जाएगा। एक साल की इंटर्नशिप अनिवार्य चार वर्षीय बैचलर ऑफ फिजियोथैरेपी कोर्स में पहले छह महीने की इंटर्नशिप अनिवार्य थी, जिसे अब बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया गया है। संस्थानों को मापदंड पूरे करने पर ही सीटें मिलेंगी। नए नियमों के तहत संस्थानों को कितनी सीटें आवंटित होंगी, यह तय करने के लिए भी नए मानक लागू किए जाएंगे। केन्द्र ने राज्यों को जारी किए निर्देश सत्र 2026-27 से बीपीटी कोर्सेज में प्रवेश केवल नीट-यूजी स्कोर के आधार पर ही होगा। केंद्र सरकार के नेशनल कमिशन फॉर एलाइड एंड हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स (एनसीएएचपी) ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर नियमों की पालना के निर्देश दिए है। उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र में आरयूएचएस में बीपीटी की 650 सीटें थी। सत्र 2026-27 में बीपीटी में प्रवेश नीट-यूजी के प्राप्तांकों के आधार पर दिया जाएगा। बी.एससी नर्सिंग बी-फार्मेसी, डिप्लोमा इन फार्मेसी जैसे कोर्सेज में प्रवेश सीयूईटी के माध्यम से मिलेगा। नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। -डॉ. प्रमोद येवले, कुलपति, आरयूएचएस


