जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ कस्बे में सरकारी जमीनों पर चल रहे अवैध निर्माण को शुक्रवार देर रात तोड़ा गया। शिकायत मिलने के बाद जिला परिषद सीईओ रश्मि रानी की ओर से जांच के आदेश दिए गए थे। जांच में सामने आया था कि मोहनगढ़ कस्बे के बस स्टैंड के पास सरकारी जमीन पर 20 अवैध दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। रिपोर्ट आने के बाद पंचायत प्रशासन और पुलिस टीम ने मिलकर देर रात अतिक्रमणों को हटाया गया। CEO की 3 दिन की मोहलत, घंटों में हुआ एक्शन मामला तब तूल पकड़ा जब जिला परिषद CEO रश्मि रानी को मोहनगढ़ के बस स्टैंड और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की जमीनों पर धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण की शिकायतें मिलीं। CEO ने इसे गंभीरता से लेते हुए विकास अधिकारी (BDO) मोहनगढ़ को एक आधिकारिक पत्र लिखकर मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर पेश की जाए। पत्र के ‘प्राथमिकता’ श्रेणी में होने के कारण पंचायत प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अतिक्रमण हटाने की योजना बनाई गई। आयुर्वेदिक अस्पताल के पास नींवें ढहाईं शुक्रवार देर रात ग्राम विकास अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने आयुर्वेदिक अस्पताल के पास पहुंची। यहां अस्पताल के कंपाउंडर के सरकारी आवास की जमीन पर कब्जा कर कुछ लोग दुकानों की नींव भर रहे थे। प्रशासन ने जेसीबी चलाकर निर्माणाधीन दुकानों की इन नींवों को तोड़ा गया। इसके अलावा बस स्टैंड और सहकारी समिति के पास भी किए गए अतिक्रमणों को चिन्हित कर कार्रवाई की गई। इन संस्थानों की जमीन पर थी भू-माफिया की नजर ग्रामीणों ने बताया कि कस्बे में बेशकीमती सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करने का खेल लंबे समय से चल रहा था। बस स्टैंड क्षेत्र: यहाँ करीब 20 दुकानों का निर्माण सरकारी भूमि पर किया जा रहा था। सहकारी समिति: माफियाओं ने समिति की बाउंड्री वॉल तोड़कर अवैध दुकानें निकालने की कोशिश की। थार ग्रामीण बैंक: बैंक के पास स्थित सरकारी कमरों और आवासीय जमीनों पर भी कब्जे की नीयत से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। विभागों की लापरवाही का फायदा उठा रहे माफिया इस पूरे प्रकरण में ग्रामीणों का एक बड़ा आरोप यह भी है कि सरकारी विभागों ने अपनी जमीनों के पट्टे समय पर नहीं बनवाए। इसी प्रशासनिक ढिलाई का फायदा भू-माफिया उठा रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन की इस कार्रवाई से कस्बे के भू-माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। BDO की अंतिम रिपोर्ट के बाद आने वाले दिनों में और भी बड़े अवैध ढांचों पर ‘पीला पंजा’ चलने की पूरी संभावना है।


