देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित 8वें न्यू दिल्ली फिल्म फेस्टिवल (NDFF) 2025 का शानदार समापन हुआ, जिसमें भारत और विदेशों के 250 से अधिक फिल्मकारों ने भाग लिया। यह प्रतिष्ठित आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की ओर से किया गया। जहां विजेता फिल्मकारों को एफआईएपीफ के पूर्व उपाध्यक्ष एवं इम्पा के अध्यक्ष टी. पी. अग्रवाल और फेस्टिवल के संस्थापक हनु रोज ने सम्मानित किया। फेस्टिवल में विजय यलकांति की ओर से निर्देशित भारतीय फिल्म ‘मां काली’ को बेस्ट फीचर फिक्शन फिल्म अवॉर्ड मिला, जबकि बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म अवॉर्ड आयरलैंड की फिल्म ‘ब्रेनडन ग्लेसनंस फेयरवेल टू हंगर्स’ को दिया गया। बेस्ट एनीमेशन फीचर/डॉक्यूमेंट्री फिल्म का खिताब ‘आउटसाइडर फ्रीड’ (ऑस्ट्रिया) ने जीता। भारत की ‘बाहुबली’ को बेस्ट एनीमेशन शॉर्ट फिल्म का पुरस्कार मिला, वहीं पार्थसारथी महंत निर्देशित ‘अंसुनी चिनखे’ को बेस्ट शॉर्ट फिक्शन फिल्म अवॉर्ड दिया गया। इस अवसर पर फिल्म ‘मां काली’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई, जिसे देखने के लिए दिल्लीवासियों की भारी भीड़ उमड़ी। यह फिल्म एक बंगाली शरणार्थी शिविर में काम कर रही युवा पत्रकार की कहानी को दर्शाती है, जो 2019 के नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और 16 अगस्त 1946 के ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की ऐतिहासिक घटनाओं की पड़ताल करती है। फेस्टिवल के दौरान टी. पी. अग्रवाल ने दिल्ली में फिल्म संस्कृति के पुनरुद्धार की प्रशंसा करते हुए कहा कि मैं चाहता हूं कि अगला संस्करण 3 से 5 दिन का हो। इस पर फेस्टिवल के फाउंडर हनु रोज ने घोषणा की कि अगले साल यह फेस्टिवल 3 दिन का होगा।”
NDFF 2025 ने भारतीय और वैश्विक सिनेमा के बेहतरीन पहलुओं को उजागर किया और दिल्ली के फिल्म प्रेमियों को यादगार अनुभव दिया। फेस्टिवल के डायरेक्टर सतीश कपूर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया और अगले संस्करण में फिर से मिलने का वादा किया।


