भास्कर न्यूज | राजनांदगांव टेंडर विवाद में फंसे राजनांदगांव-मानपुर सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया है। 96.5 किमी. लंबी सड़क का टेंडर अब दो हिस्सों में होगा। सड़क को राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सीमाक्षेत्र में विभाजित कर टेंडर प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। राजनांदगांव से मानपुर तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर तक बढ़ाया जाना है। इसके लिए 4 महीने से प्रक्रिया चल रही है। चौड़ीकरण के लिए लागत 290 करोड़ रुपए तय की गई है। कुछ समय पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई। टेंडर दुर्ग की अमर बिल्डर्स कंपनी को मिला। लेकिन इसके बाद सांसद संतोष पांडेय ने इसमें आपत्ति कर दी। उन्होंने अमर बिल्डर्स पर दस्तावेजों में गलत जानकारी प्रस्तुत करने और गड़बड़ी के आरोप लगाए। मामले की शिकायत लोक निर्माण विभाग के सचिव तक हुई। इसके बाद टेंडर को रद्द करने हुए प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब दोनों जिले के हिसाब से सड़क का टेंडर दो हिस्से में होगा। लोनिवि के ईई एसके चौरसिया ने बताया कि सड़क टेंडर की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। राजनांदगांव से मानपुर तक सड़क की स्थिति काफी जर्जर है। हालात यह है कि अब क्षेत्र के लोग इस सड़क से आवाजाही करने से भी बच रहे हैं। लोग अंबागढ़ चौकी, मानपुर से राजनांदगांव आने के लिए दल्ली राजहरा सड़क का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले लोग दल्ली राजहरा जा रहे हैं, इसके बाद राजनांदगांव आ रहे हैं। इसके चलते लोगों का ईंधन पर खर्च भी बढ़ गया है। वहीं समय भी काफी लग रहा है। लंबे समय से लोगों को सड़क निर्माण का इंतजार है। पहले टाई हुआ टेंडर, फिर गड़बड़ी की शिकायत की नांदगांव- मानपुर सड़क की स्वीकृति 6 महीने पहले मिल चुकी है। इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरु हुई। पहले टेंडर में फर्मों के समान दर भरे जाने की वजह से सड़क का टेंडर नहीं हो सका। इसके बाद दूसरे टेंडर में अमर बिल्डर्स को पहले 16 फीसदी बिलो और फिर 20 फीसदी बिलो में काम दिया गया। लेकिन इसके बाद सांसद ने अमर बिल्डर्स पर अनियमितता के आरोप लगाकर शिकायत की। जिसकी वजह से सड़क का काम अब तक शुरु नहीं हो सका है। अब तीसरी बार प्रिक्रया शुरु हो रही है।


