भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा- मेरे नाम से हर दूसरे दिन नई साइट बन जाती हैं। उसमें मेरे कई फोटोग्राफ डाल दिए जाते हैं। उन्होंने कहा- मैं आपको अपना एक छोटा सा उदाहरण दे सकता हूं। हर दूसरे दिन मेरे नाम पर एक नई साइट देखता हूं। मेरे एक-दो शुभचिंतक हैं, जो मेरे मोबाइल पर मैसेज भेज देते हैं और कहते हैं कि आपके नाम पर नई साइट बनी है। हाल ही कि कुछ तस्वीरें जो सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है, वह भी उन साइट्स में अच्छी तरह से लगाई हुई थी। सिर्फ यही नहीं उन साइट से अलग-अलग तरह के मैसेज भी भेजे जा रहे थे। यह सब मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूं, जो मेरे साथ हुआ है। एक दिन मेरी बहन और मेरी बेटी जैसी वकील को मेरे नाम वाली साइट से मैसेज भेजे गए। भाग्य से उस मैसेज की भाषा खराब नहीं थी, क्योंकि शायद वह मेरे बारे में और मेरे विचारों के बारे में जानते थे। उन्होंने कहा- मैंने तुरंत साइबर क्राइम को इसकी सूचना दी। इससे उन लोगों को ढूंढ पाए, लेकिन दुर्भाग्य से वह सारी साइट्स नाइजीरिया से संचालित हो रही थी। यह इस अपराध की जटिलता है। साइबर क्राइम की कोई सीमा नहीं। ये बातें CJI सूर्यकांत ने जयपुर में 3 दिवसीय साइबर सिक्योरिटी सेमिनार के उद्घाटन के दौरान शुक्रवार को कहीं। सेमिनार में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में स्पेशल साइबर कोर्ट बनाने की घोषणा की। CM ने कहा- कोई क्राइम जमीन पर करे या स्क्रीन के पीछे करे, उसकी सजा उसे अवश्य मिलेगी। बम की धमकी आने पर घंटे कोर्ट से बाहर रहते हैं
सेमिनार में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी ने कहा- जिस तरह से स्कूल में घंटी बजती है, उसी तरह से हमें पता लगता है कि बम की धमकी आ गई है। हम घंटों कोर्ट से बाहर रहते हैं और यह एक-दो दिन नहीं हुआ है। यह लगातार 20-25 बार हो चुका है। पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…


