हनुमानगढ़ में श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में 3 दिवसीय कृषि मेले का शनिवार को शुभारंभ हुआ। मले के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन कर अन्य उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि मेले के माध्यम से ग्रामीण और आधुनिक कृषि तकनीक के बीच समन्वय स्थापित करते हुए किसानों को प्रशिक्षित करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला कलेक्टर खुशहाल यादव, कोटा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर विमला मेघवाल, बीकानेर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मनोज दीक्षित, भाजपा लोकसभा प्रत्याशी प्रियंका बैलान, भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद, एसकेडी यूनिवर्सिटी के चेयरमैन बाबूलाल जुनेजा, डायरेक्टर दिनेश जुनेजा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई, पूर्व विधायक कृष्ण कड़वा और पशुपालन विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। देशभर के कृषि वैज्ञानित ले रहे भाग
इस मेले का आयोजन कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों, टिकाऊ खेती के तरीकों और किसानों के हित में तैयार किए गए कार्यक्रमों को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया है। इसमें देशभर से किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि विभाग के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। मेले में छोटे व बड़े दोनों तरह के किसानों को कृषि स्टार्टअप, जैविक खेती, पानी प्रबंधन और मार्केटिंग की नई तकनीकों की जानकारी प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि यह तीन दिवसीय कृषि मेला किसानों को लाभकारी तकनीकों से जोड़ने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार और कृषि-उद्यमिता को भी बढ़ावा देगा। ‘अन्नदाता से अन्नपूर्णा’ थीम
कृषि मेला 2026 ‘अन्नदाता से अन्नपूर्णा’ थीम के साथ आयोजित किया जा रहा है। इसमें कृषि मशीनरी, उन्नत बीज-कृषि उत्पाद, जैविक खेती के समाधान, ड्रोन स्प्रेयर से लेकर सौर ऊर्जा आधारित उपकरण तक शामिल हैं।
किसानों को बेहतर फसल उत्पादन, सिंचाई प्रबंधन तथा मिट्टी स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों के व्याख्यान और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी।


