बालोद| जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों में कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग सामने आई है। कुछ दलाल किसानों को बरगलाकर उनकी खेती योग्य जमीन कम कीमत में खरीदते हैं और फिर अवैध रूप से उसे प्लाट काटकर बेच देते हैं। इस प्रक्रिया में न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि भूमि का कानूनी दर्जा भी बदलने का खतरा रहता है। अवैध प्लाटिंग से न केवल संपत्ति विवाद बढ़ते हैं, बल्कि गांव की पारंपरिक कृषि भूमि भी कम हो रही है। प्रशासन को इस ओर त्वरित कार्रवाई करना चाहिए।


