बठिंडा जिला बार एसोसिएशन ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों ने अपने चैंबर परिसर में स्टिकर चिपकाकर इस प्रणाली के कथित दुरुपयोग और निजी वकीलों की आजीविका पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव पर चिंता जताई। बठिंडा बार एसोसिएशन के प्रधान गुरविंदर सिंह मान ने बताया कि वे LADC प्रणाली के मौजूदा कामकाज को लेकर गंभीर चिंता में हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली निजी वकीलों की आजीविका को नुकसान पहुंचा रही है और इसका दुरुपयोग हो रहा है, जिससे यह अपने मूल उद्देश्य को पूरा करने में विफल रही है। मान ने आगे कहा कि LADC के माध्यम से दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह योजना उचित सत्यापन के बाद केवल योग्य आवेदकों को ही मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में ऐसा नहीं हो रहा है। आदतन आरोपियों को फ्री में कानूनी सहायता मिल रही है बार एसोसिएशन के प्रधान गुरविंदर सिंह मान ने ने बताया कि LADC द्वारा उन आरोपियों को भी मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है जो इसके हकदार नहीं हैं, जैसे आदतन अपराधी। यह सहायता डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (DLSA) के नियमों और शर्तों का पालन किए बिना दी जा रही है। वाणिज्यिक धोखाधड़ी और धारा 138 एन.आई. अधिनियम के तहत दोषी आरोपी, साथ ही महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों में लिप्त आरोपी भी LADC के माध्यम से DLSA की सेवाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति जारी रही, तो इसका समाज पर व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इससे कानून का शासन खतरे में पड़ जाएगा और आदतन अपराधियों में कानून का डर खत्म हो जाएगा।


